दीपावली से पहले गोरखपुर को सीएम योगी देंगे 1663 करोड़ की सौगात

 










गोरखपुर, 30 अक्टूबर (हि.स.)। गोरखपुर की बदलती तस्वीर और आधुनिक बुनियादी ढांचे के संकल्प को गति देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दीपावली से एक सप्ताह पहले ही, एक नवंबर को जिले को करीब 1663 करोड़ रुपये की लागत वाली 88 विकास परियोजनाओं का दीपावली उपहार देने जा रहे हैं। इन परियोजनाओं में रोड कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर, नगरीय जीवन सुगमता, बाढ़ से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं। सीएम योगी, चौरीचौरा क्षेत्र को जाम से मुक्ति दिलाने वाले महत्वपूर्ण रेल ओवरब्रिज का लोकार्पण करने के साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर, बाढ़ बचाव, गोरखपुर शहर के जलभराव और सीवर प्रबंधन से संबंधित गोड़धोइया नाला परियोजना फेज एक का लोकार्पण और परियोजना के फेज दो, नाले के समानांतर सड़क और गोरखपुर सीवरेज योजना जोन ए 3 का शिलान्यास करेंगे।

एक नवंबर को मुख्यमंत्री के सार्वजनिक कार्यक्रमों की आगामी श्रृंखला चौरीचौरा विधानसभा क्षेत्र से होगी। सीएम योगी भोपा बाजार में 59.44 करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार हुए रेल ओवरब्रिज (आरओबी) का उद्घाटन करने के साथ ही कुल 287.56 करोड़ रुपये की लागत वाली 84 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। चौरीचौरा क्षेत्र में जिन परियोजनाओं की सौगात मिलने जा रही है, उनमें बाढ़ बचाव और रोड कनेक्टिविटी के कई कार्य शामिल हैं। सबसे महत्वपूर्ण परियोजना रेल ओवरब्रिज की है।

भोपा बाजार रेल ओवरब्रिज से चौरीचौरा को मिलेगी जाम से राहत

गोरखपुर-भटनी रेल खंड पर स्थित समपार संख्या 147बी पर वर्षों से स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और स्कूली बच्चों को भीषण जाम का सामना करना पड़ता था। ट्रेनों की आवाजाही के चलते दिनभर में कई बार फाटक बंद होने से यात्रियों को भारी असुविधा होती थी। करीब साढ़े छह सौ मीटर की लंबाई वाले ओवरब्रिज के चालू होने से न सिर्फ चौरीचौरा कस्बे की यातायात व्यवस्था सुगम होगी, बल्कि आसपास के दर्जनों गांवों के लोगों का समय और ईंधन दोनों बचेगा।

ओवरब्रिज पर दिखेगी चौरीचौरा के अमर बलिदानियों की गाथा

भोपा बाजार के इस रेलवे समपार पर बने ओवरब्रिज पर ऐतिहासिक चौरीचौरा घटना की गौरवगाथा भी उकेरी गई है। भारत की आजादी के आंदोलन में 4 फरवरी 1922 को हुई चौरीचौरा प्रतिकार की घटना को इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। इसमें योगदान देने वाले अमर बलिदानियों की स्मृति में ओवरब्रिज के स्तंभों और दीवारों पर आकर्षक म्यूरल आर्ट (भित्तिचित्र) सजाया गया है। बलिदानियों के चित्रों और संघर्ष को नयनाभिराम तरीके से उकेरा गया है, ताकि यहां से गुजरने वाली नई पीढ़ी सीधे अपने ऐतिहासिक गौरव से रूबरू हों।

गोड़धोइया नाला फेज एक का लोकार्पण, दूसरे चरण को भी मिलेगी गति

इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों एक नवंबर को ही जलभराव और सीवर प्रबंधन की समस्या को दूर करने वाली गोड़धोइया नाला परियोजना की भी सौगात मिलने जा रही है। सीएम योगी 495.24 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण हो चुके गोड़धोइया नाला फेज एक का लोकार्पण और करेंगे। 92.72 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले फेज दो, नाले के समानांतर 65.93 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली सड़क और 721.40 करोड़ रुपये की लागत वाली गोरखपुर सीवरेज योजना जोन ए 3 का शिलान्यास भी करेंगे।

गोड़धोइया नाला परियोजना के फेज एक के तहत 9.25 किलोमीटर लंबे नाले के लिए 7.75 किमी पक्का नाला का निर्माण किया गया है। इसके अतिरिक्त 17.50 किलोमीटर इंटरसेप्टिंग सीवर लाइन बिछाई गई है और सीवेज के शोधन के लिए 38 एमएलडी क्षमता का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) स्थापित किया गया है। इसके अलावा 61 एमएलडी क्षमता का एक मेन पंपिंग स्टेशन और 14 ब्रिज/कल्वर्ट का निर्माण कराया गया है। पक्का नाला निर्माण, डायवर्जन, इंटरसेप्शन और ट्रीटमेंट से जुड़ी यह परियोजना शहर के उत्तरी छोर के 17 वार्डों में जल निकासी को बेहतर बनाने और सीवेज का वैज्ञानिक तरीके से शोधन करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। एसटीपी में शोधन के बाद पानी को रामगढ़ताल में प्रवाहित किया जा रहा है। सीवेज के शोधन से रामगढ़ताल की जल गुणवत्ता में भी लगातार सुधार हो रहा है।

फेज दो में पक्का होगा नाले का शेष हिस्सा, बनेगा एसटीपी तक पहुंच मार्ग

गोड़धोइया नाला परियोजना फेज एक का लोकार्पण करने के साथ इस प्रोजेक्ट के फेज दो का शिलान्यास भी करेंगे। परियोजना के दूसरे चरण में 92.72 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके तहत नाले के 1.50 किलोमीटर लंबे कच्चे हिस्से को आरसीसी निर्माण के माध्यम से पक्का कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त, गोड़धोइया नाले के अंतिम छोर पर स्थित बिछिया रेलवे कॉलोनी में 38 एमएलडी क्षमता वाले एसटीपी तक पहुंचने के लिए फिलहाल एक ही संकरा रास्ता उपलब्ध है। यह रास्ता रेलवे कॉलोनी के भीतर आवासीय कॉलोनियों से होकर गुजरता है। भविष्य में रेलवे की ओर से अपनी कॉलोनियों के लिए बाउंड्रीवाल बनाए जाने की संभावना जताई जा रही है। ऐसी स्थिति में एसटीपी तक पहुंचने का मौजूदा रास्ता बंद हो सकता है। इसी संभावना को देखते हुए नाले के समानांतर एसटीपी तक पहुंचने के लिए 1.50 किलोमीटर लंबे एप्रोच मार्ग का प्रावधान किया जा रहा है। फेज दो के तहत 120 स्ट्रीट लाइट लगाने के साथ लैंडस्केपिंग का कार्य भी कराया जाएगा। दूसरे चरण के कार्यों के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

गोड़धोइया नाला के समानांतर बनेगी सड़क

गोड़धइया नाला के समानांतर सर्विस रोड का निर्माण भी कराया जाएगा। मुख्यमंत्री इसका भी शिलान्यास करेंगे। 7.75 किमी लंबाई में सड़क के निर्माण पर 65.93 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस सड़क के बन जाने से नाले के किनारे बसे शहरवासियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। इस परियोजना में चैनेज 0 से 7.750 किमी तक नाले के दोनों ओर 3.75 मीटर चौड़ाई में कैरेजवे निर्माण, सौंदर्यीकरण हेतु पौधरोपण, सुरक्षा हेतु क्रैश बैरियर और प्रकाश के लिए स्ट्रीट लाइट पोल लगाने का कार्य भी शामिल है।

जोन ए 3 में बिछाई जाएगी 350 किमी सीवर लाइन

गोड़धइया नाला के कैचमेंट क्षेत्र में सीवर प्रबंधन के लिए स्वीकृत गोरखपुर सीवरेज जोन ए 3 के तहत लगभग 350 किमी में सीवर लाइन बिछाई जाएगी। इस कार्य का शिलान्यास सीएम योगी एक नवंबर को करेंगे। अमृत 2.0 कार्यक्रम के अंतर्गत इस योजना को पूर्ण करने में 721.40 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस योजना में गोड़धोइया नाले से संबंधित 17 वार्डों में सीवर लाइन, 43604 सीवर गृह संयोजन एवं 2 इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन (37.50 एमएलडी एवं 27 एमएलडी) का निर्माण कराया जायेगा।

हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय