न्यूट्रास्यूटिकल्स इकाइयों को खाद्य सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश

 

लाइसेंस, उत्पाद श्रेणी, सामग्री, लेबलिंग, स्वास्थ्य संबंधी दावे और गुणवत्ता जांच को लेकर एफसएसडीए ने जारी किए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश

न्यूट्रास्यूटिकल्स क्षेत्र से जुड़ी सभी इकाइयों को खाद्य प्राधिकरण के निर्धारित नियमों एवं विनियमों का कड़ाई से अनुपालन करना होगा सुनिश्चित

लखनऊ, 26 सितंबर। प्रदेश में न्यूट्रास्यूटिकल्स, हेल्थ सप्लीमेंट्स, विशेष आहार एवं विशेष चिकित्सा उद्देश्य वाले खाद्य उत्पादों के निर्माण और कारोबार में खाद्य सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफएस डीए) ने महत्वपूर्ण बिंदु जारी किए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि न्यूट्रास्यूटिकल्स से जुड़े सभी खाद्य कारोबारकर्ताओं के लिए संबंधित श्रेणी और कारोबार के प्रकार के अनुसार एफएसएसएआई लाइसेंस लेना अनिवार्य है। निर्माण, पुनः लेबलिंग, पुनः पैकिंग, आयात, वितरण और व्यापार में निर्धारित खाद्य श्रेणी के अनुरूप ही कारोबार किया जा सकेगा।

दवा और खाद्य उत्पाद की श्रेणी स्पष्ट रखना जरूरी

विभाग ने स्पष्ट किया है कि न्यूट्रास्यूटिकल्स और अन्य स्वास्थ्यवर्धक खाद्य उत्पादों को दवाओं से अलग श्रेणी में रखना होगा। उत्पाद की संरचना, उपयोग का उद्देश्य और स्वरूप ऐसा होना चाहिए कि उसे दवा या औषधि के रूप में वर्गीकृत न किया जाए। ऐसे उत्पादों में किसी भी प्रकार के हार्मोन, स्टेरॉयड, मादक पदार्थ, मन:प्रभावी पदार्थ या कृत्रिम औषधीय सक्रिय अवयव का प्रयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है।

निर्धारित अनुसूचियों के अनुरूप ही सामग्री का इस्तेमाल

न्यूट्रास्यूटिकल्स के निर्माण में एफएसएसएआई द्वारा निर्धारित अनुसूचियों के अंतर्गत आने वाली सामग्री का ही इस्तेमाल किया जा सकेगा। इनमें अनुसूची-1 में पोषक तत्व जैसे विटामिन, खनिज और अमीनो एसिड, अनुसूची-2 में पौधे एवं वनस्पतियां, अनुसूची-3 में अणु, पृथक पदार्थ और अर्क, तथा अनुसूची-4 में प्रीबायोटिक एवं प्रोबायोटिक शामिल हैं। पौधों के केवल अनुमन्य भागों और स्वीकृत वनस्पतियों के उपयोग की अनुमति होगी। निर्माता के पास अर्क अनुपात, दैनिक उपयोग सीमा, निष्कर्षण में इस्तेमाल विलायक, सक्रिय संकेतक और मानकीकरण से संबंधित तकनीकी दस्तावेज उपलब्ध होना आवश्यक है। गैर-अनुमोदित विलायक या प्रक्रियाओं के इस्तेमाल के लिए एफएसएसएआई से मंजूरी लेना अनिवार्य होगा।

विशेष स्वास्थ्य दावे के लिए मंजूरी जरूरी

यदि किसी उत्पाद के संबंध में विशेष स्वास्थ्य लाभ का दावा किया जाता है तो संबंधित दावे के लिए खाद्य प्राधिकरण से मंजूरी लेना आवश्यक होगा। वहीं, यदि किसी उत्पाद में ऐसा नया अवयव, वनस्पति अर्क या अणु शामिल है जो एफएसएसएआई की स्वीकृत सूची में नहीं है अथवा जिसका 15 वर्षों का सुरक्षित उपयोग इतिहास उपलब्ध नहीं है, तो उसे गैर-निर्दिष्ट खाद्य की श्रेणी में मंजूरी प्राप्त करनी होगी। इसके लिए एफएसएसएआई के ई-पास पोर्टल पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन करना होगा।

विटामिन और खनिज की मात्रा निर्धारित सीमा से अधिक नहीं

न्यूट्रास्यूटिकल्स में विटामिन और खनिज की मात्रा एफएसएसएआई तथा आईसीएमआर-एनआईएन द्वारा निर्धारित 100 प्रतिशत अनुशंसित दैनिक मात्रा की सीमा से अधिक नहीं होनी चाहिए। दैनिक सेवन की गणना केवल एक टैबलेट या कैप्सूल के आधार पर नहीं, बल्कि प्रतिदिन ली जाने वाली कुल मात्रा के आधार पर की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित सीमा से अधिक मात्रा वाले उत्पादों की श्रेणी और नियामकीय स्थिति अलग हो सकती है, इसलिए कारोबारकर्ताओं को उत्पाद की संरचना का नियमानुसार निर्धारण करना होगा।

विशेष आहार एवं विशेष चिकित्सा उद्देश्य वाले खाद्य उत्पादों के लिए अलग प्रावधान

विशेष आहार उपयोग के लिए खाद्य उत्पाद के सभी मामलों में चिकित्सकीय सलाह अनिवार्य नहीं है। हालांकि, कुछ उत्पादों के लेबल पर यह स्पष्ट करना होगा कि उनका सेवन चिकित्सक अथवा आहार विशेषज्ञ की सलाह से किया जाना है या नहीं। खिलाड़ियों के लिए निर्धारित विशेष आहार उत्पादों में विश्व एंटी-डोपिंग एजेंसी द्वारा प्रतिबंधित पदार्थों का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।वहीं विशेष चिकित्सा उद्देश्य के लिए खाद्य उत्पाद रोगियों को दिया जाने वाला पोषण संबंधी फॉर्मूलेशन है, जो औषधि की श्रेणी में नहीं आता। इसका इस्तेमाल डॉक्टर अथवा नैदानिक आहार विशेषज्ञ की निगरानी में किया जाना चाहिए। ऐसे उत्पादों के निर्माण के लिए खाद्य प्राधिकरण की मंजूरी अनिवार्य होगी।
विशेष चिकित्सा उद्देश्य वाले उत्पादों में अनुशंसित दैनिक मात्रा का प्रतिशत लिखना अनिवार्य नहीं है, लेकिन अनुशंसित सेवन की मात्रा का उल्लेख करना जरूरी होगा। ऐसे उत्पादों का आम जनता के बीच विज्ञापन भी नहीं किया जा सकेगा।

लेबल पर चेतावनी और आवश्यक घोषणाएं स्पष्ट हों

न्यूट्रास्यूटिकल्स, हेल्थ सप्लीमेंट्स, विशेष आहार, विशेष चिकित्सा उद्देश्य वाले खाद्य उत्पादों, प्रीबायोटिक और प्रोबायोटिक के लेबल तथा ई-कॉमर्स प्रदर्शन पर लागू सभी घोषणाएं और चेतावनियां स्पष्ट अक्षरों में अंकित करनी होंगी। इनमें “औषधीय उपयोग के लिए नहीं”, “अनुशंसित दैनिक मात्रा से अधिक न लें”, लक्षित आयु वर्ग, सेवन संबंधी निर्देश, बच्चों की पहुंच से दूर रखने तथा विविध आहार के विकल्प के रूप में इस्तेमाल न करने जैसी आवश्यक चेतावनियां शामिल हैं। विशेष आहार और विशेष चिकित्सा उद्देश्य वाली श्रेणियों में लागू प्रावधानों के अनुसार घोषणाएं करनी होंगी। विशेष चिकित्सा उद्देश्य वाले उत्पादों पर “केवल चिकित्सकीय सलाह के अंतर्गत उपयोग की अनुशंसा” संबंधी चेतावनी देना अनिवार्य होगा। साथ ही उत्पाद की श्रेणी के अनुसार यह स्पष्ट करना होगा कि वह मानकीकृत पोषक तत्वों वाला पूर्ण आहार है, किसी बीमारी अथवा चिकित्सा स्थिति के लिए विशेष रूप से तैयार पूर्ण आहार है अथवा ऐसा अपूर्ण पोषण उत्पाद है जिसे पोषण के एकमात्र स्रोत के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

बीमारी ठीक करने या रोकने के दावे प्रतिबंधित

विभाग ने न्यूट्रास्यूटिकल्स के प्रचार-प्रसार में किए जाने वाले दावों को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं। पोषक तत्वों की मात्रा, संरचना एवं कार्य से जुड़े तथा एफएसएसएआई द्वारा स्वीकृत बीमारी के जोखिम को कम करने वाले दावे ही निर्धारित नियमों के तहत किए जा सकते हैं।किसी उत्पाद के संबंध में बीमारी को रोकने, ठीक करने, उपचार करने या उसके प्रभाव को कम करने जैसे दावे प्रतिबंधित हैं। यह प्रावधान डिजिटल मीडिया, प्रिंट मीडिया, सोशल मीडिया, ई-कॉमर्स और विज्ञापन अभियानों पर समान रूप से लागू होगा।

गुणवत्ता जांच और कच्चे माल का रिकॉर्ड जरूरी

तैयार उत्पाद में सक्रिय अवयवों, सूक्ष्मजीवीय मानकों, भारी धातुओं जैसे सीसा, पारा, कैडमियम और आर्सेनिक तथा जहां लागू हो, कीटनाशक अवशेषों की जांच एफएसएसएआई से मान्यता प्राप्त एनएबीएल प्रयोगशालाओं से कराना आवश्यक होगा। कच्चे माल के प्रत्येक बैच के लिए विश्लेषण प्रमाणपत्र, बैच निर्माण अभिलेख, अनुमोदित आपूर्तिकर्ताओं की सूची और उत्पाद की आपूर्ति श्रृंखला का पता लगाने की व्यवस्था उपलब्ध होनी चाहिए।

असुरक्षित बैच की तत्काल वापसी की व्यवस्था हो

न्यूट्रास्यूटिकल्स इकाइयों को प्रभावी उत्पाद वापसी व्यवस्था और बैच की पहचान की प्रक्रिया विकसित करनी होगी। इससे किसी बैच को असुरक्षित घोषित किए जाने की स्थिति में उसे तत्काल बाजार से वापस लिया जा सकेगा। विभाग ने डिजिटल स्तर पर उत्पाद वापसी की योजना और दस्तावेजी व्यवस्था बनाए रखने पर भी जोर दिया है।

आयातित उत्पादों के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र जरूरी

आयातित पदार्थों, उत्पादों और अवयवों को सीमा शुल्क से बाहर निकालने के लिए एफएसएसएआई आयात मंजूरी प्रणाली के माध्यम से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना आवश्यक होगा। दोहरी उपयोग वाली संरचना के मामलों में यह सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन से मंजूरी अथवा अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना होगा कि संबंधित उत्पाद औषधि की श्रेणी में नहीं आता। इसके अलावा विदेशी स्वामित्व वाली अथवा विदेशी नियंत्रण वाली कंपनियों द्वारा भारत के जैव संसाधनों, विशेषकर भारतीय वनस्पतियों, का व्यावसायिक न्यूट्रास्यूटिकल निर्माण में इस्तेमाल किए जाने पर राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण से आवश्यक मंजूरी, अनापत्ति प्रमाणपत्र अथवा पूर्व अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा।