नौ वर्षों में 9 लाख सरकारी नौकरियां, यूपी बना देश का ग्रोथ इंजन : मुख्यमंत्री योगी

 




-लोहिया संस्थान के 665 नर्सिंग अधिकारियों को मिला नियुक्ति पत्र

लखनऊ, 29 मार्च (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के 665 नवचयनित नर्सिंग अधिकारियों का नियुक्ति पत्र सौंपा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आज प्रदेश में पारदर्शी तरीके से नियुक्तियां हो रहीं हैं जबकि वर्ष 2017 से पहले यह संभव नहीं था। पिछले नौ वर्षों में नौ लाख मैनपावर सरकारी सेवाओं में जुड़ी है। ये सभी प्रतिभाशाली और युवा ऊर्जा से भरपूर हैं। इसी का नतीजा है कि जो राज्य पहले बीमारू था, वह आज भारत की इकोनॉमी का ग्रोथ इंजन बन गया है। पहले वेतन देने के लिए पैसे नहीं होते थे, आज यूपी रेवेन्यू सरप्लस स्टेट है। आज यूपी देश की टॉप थ्री अर्थव्यवस्था में एक है। वर्ष 2016 की तुलना में आज प्रति व्यक्ति आय तीन गुना करने में सफलता प्राप्त की है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रतिभा जब भी सम्मानित होगी और उसे प्लेटफार्म मिलेगा, उसका लाभ देश और राज्य को मिलेगा। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए एक-एक स्टेजेस पर शासन द्वारा निगरानी की जाती है। यूपी के नौजवानों के सामने जो पहचान का संकट था, उस पहचान के संकट से वह मुक्त हुआ है।

वर्ष 2017 से पहले मेडिकल कॉलेज की संख्या भगवान भरोसे थी

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पहले की सरकारें हॉस्पिटल की बिल्डिंग बनाकर एक दो डॉक्टर नियुक्त करके वाहवाही लूटती थी, जबकि चिकित्सीय सेवा की रीढ़ नर्सिंग स्टाफ होता है, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। वर्ष 2017 के पहले मेडिकल कॉलेजाें की संख्या भगवान भरोसे थी। वह हमारी सेवाओं पर प्रश्न खड़ा करते हैं, मुझे हंसी आती है। वे सत्ता में रहने के बाद भी कुछ नहीं कर पाए। उस दौरान नियुक्ति की प्रक्रिया प्रारंभ होती तो आप में से एक भी सेलेक्ट नहीं होता क्योंकि आप में से बहुत सारे लोग ऐसे हैं जिनके मां-बाप के पास पैसा पढ़ाने के लिए है, लेकिन वह अनैतिक तरीके के लिए पैसा नहीं दे सकते और देना भी नहीं चाहिए। पहले की सरकार के दौरान मर चुकी एमएसएमई में आज तीन करोड़ से ज्यादा लोग काम कर रहे हैं।

लोहिया संस्थान में अब तक 350 से अधिक सफल रोबोटिक सर्जरी की जा चुकीं

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि लोहिया संस्थान ने काफी कम समय में अपनी इमेज बनाई है। कोरोना के समय एसजीपीजीआई, केजीएमयू और लोहिया संस्थान ने वर्चुअल आईसीयू प्रारंभ किया। यह सभी संस्थान संकट के दौरान खड़े थे और इसलिए सरकार भी इनके साथ हमेशा खड़ी रहती है। आज लोहिया संस्थान ने मॉडर्न हेल्थ केयर का एक अच्छा टर्शियरी सेंटर विकसित किया है। प्रदेश का पहला गामा नाइफ संस्थान में लग गया है। रोबोटिक सर्जरी में अग्रणी स्थान और अब तक 350 से अधिक सफल रोबोटिक सर्जरी की जा चुकी है। नर्सिंग ऑफिसर के पदों पर पुरुषों के मुकाबले बेटियों ने ज्यादा स्थान प्राप्त किया है। डबल इंजन की सरकार ने बैकबोन की ताकत को पहचाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सरकार 31 नए नर्सिंग कॉलेज चला रही है। सरकार द्वारा हेल्थ के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस उपलब्ध करवा रहे हैं, जिसका काम एसजीपीजीआई में चल रहा है। इसी तरह केजीएमयू में भी तमाम कार्य प्रारंभ हुए हैं।

कुछ लोग अफवाहें और दुष्प्रचार कर माहौल खराब करना चाहते हैं

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश और दुनिया का हर बड़ा संस्थान ग्रेटर नोएडा आना चाहता है। आज वहां मेडिकल डिवाइस पार्क, इंटरनेशनल फिल्म सिटी, वर्ल्ड क्लास यूनिवर्सिटीज, टॉय पार्क और अपैरल पार्क बन रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में सेमीकंडक्टर की सबसे बड़ी यूनिट का शिलान्यास किया। इस युग में सेमीकंडक्टर के बगैर पूरी दुनिया एकदम लाचार है, जैसे एक समय तेल के बगैर दुनिया लाचार हो जाती थी, ऐसे ही सेमीकंडक्टर के बगैर दुनिया लाचार हो जाती है, वह अब यूपी के अंदर बनेगा। इसे वर्ष 2017 के पहले सोचा नहीं जा सकता था क्योंकि उस दौरान इच्छाशक्ति और नीयत साफ नहीं थी। वे लोग पहले भी कुछ नहीं करना चाहते थे, आज भी करने की इच्छाशक्ति नहीं है, जो कार्य हो रहा है उस कार्य को डिस्टर्ब कर रहे हैं। इतना ही नहीं, दुष्प्रचार और अफवाह फैला करके माहौल को खराब करने का काम कर रहे हैं।

उन्हाेंने कहा कि दुनिया संकट में है और उथल-पुथल चल रही है। तमाम देशों में इमरजेंसी लागू हो गई है। लोगों में वहां संशय का माहौल बना हुआ है। गल्फ वार के नाते अस्थिरता का माहौल है। तमाम देशों ने अपने यहां लोगों की सर्विस को कम करना प्रारंभ कर दिया है। कार्य के घंटे और वेतन को कम करना प्रारंभ कर दिया है, क्योंकि अब उनकी इकॉनामी जवाब दे रही है। अमेरिका जैसा देश, जिसकी खाड़ी के देशों पर निर्भरता कम है, वहां पर भी पेट्रोलियम उत्पादों के दाम आसमान छू रहे हैं। भारत के अगल-बगल के देशों में पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश, म्यांमार, श्रीलंका, थाईलैंड, इंडोनेशिया सबकी हालत खराब है। अघोषित इमरजेंसी जैसी स्थितियां चल रही हैं, लेकिन इन सब में बिना रुके, बिना डिगे, बिना थके भारत दुनिया के अंदर एकमात्र देश है, जो लगातार अपनी यात्रा की ओर मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है, इसलिए क्योंकि भारत के पास प्रधानमंत्री मोदी जैसी विजनरी लीडरशिप है।

मुख्यमंत्री की अपील, अफवाहबाजों से सावधान और सतर्क रहना है

मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया में पेट्रोलियम उत्पादों के दाम बढ़ रहे हैं। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र ने आपूर्ति को सामान्य बनाने के साथ पेट्रोलियम उत्पादों के दाम को नियंत्रित करने के लिए एक्साइज ड्यूटी को कम कर देश की 145 करोड़ की जनता को राहत दी है। यह अकेले भारत के अंदर हुआ है, दुनिया के अंदर कहीं नहीं हुआ है। इसका लाभ केवल भाजपा और एक वर्ग विशेष नहीं ले रहा है बल्कि पूरा देश लाभ ले रहा है। सरकार का निर्णय इसी प्रकार का यूनिफॉर्म होता है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश आगे बढ़ रहा है, तो उन्हे रोकने के लिए किस-किस प्रकार के निम्न स्तरीय प्रयास प्रारंभ हुए हैं। अफवाह फैलाई जा रही है। माहौल को दुष्प्रचार में बदलने का काम हो रहा है। कहीं कोई बोलता है कि 14 किलो के सिलेंडर में केवल चार किलो गैस मिल रही है। ये बचकानी हरकतें हैं। कोई झूठी अफवाह फैला रहे देश में लॉकडाउन लग जाएगा, ये लोग फालतू की बकवास करते हैं। ये अफवाहबाज देश का नुकसान कर रहे हैं। जनता के कार्य में किसी प्रकार की बाधा नहीं है, सब कुछ सहज गति से चल रहा है। ऐसे में हमें इस समय किसी अफवाह पर ध्यान देने की बजाय देश की लीडरशिप द्वारा दिए जा रहे मार्गदर्शन का पालन करना चाहिये। किसी भी अफवाह में न पड़ें।

आज सभी थानों में साइबर हेल्प डेस्क संचालित हो रहीं

मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में बहराइच में भारत-नेपाल बॉर्डर पर शारदा और सरयू नदी के तट पर स्थित एक गांव के 500 लोगों को विस्थापित किया गया है। सभी को आवास, जमीन का पट्टा और प्रत्येक परिवार को 21 लाख रुपये की सहायता दी गई। इनके लिए पार्क, स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र और राशन की दुकान उपलब्ध करवाई गई। ये काम पहले भी हो सकता था, लेकिन जब उस सरकार के पास संवेदना होती तब सरकार इसके बारे में सोचती। वर्तमान में साइबर क्राइम से पूरी दुनिया, देश और प्रदेश तबाह है। वहीं वर्ष 2017 के पहले प्रदेश में एक साइबर थाना था। आज प्रदेश के सभी 75 जनपदों में एक एक साइबर थाना है। साथ ही सभी 1681 थानों में साइबर हेल्प डेस्क स्थापित है। इन सभी की ट्रेनिंग के लिए प्रदेश में ए ग्रेड की 12 लैब बनवाई गई जबकि छह और निर्माणाधीन हैं। इसके साथ ही लखनऊ में स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंसेज की स्थापना की गई। यहां पर डिग्री, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट के कोर्सेज संचालित हो रहे हैं। हर जनपद में दो-दो मोबाइल फॉरेंसिक लैब उपलब्ध हैं।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, अपर मुख्य सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं शिक्षा अमित घोष, लोहिया संस्थान के निदेशक डॉ. सीएम सिंह, केजीएमयू की कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद आदि उपस्थित थे।

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन