बच्चों को शिक्षा के साथ भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ना एनएसएस का प्रमुख उद्देश्य : रंजना गौतम

 


कानपुर, 26 फरवरी (हि.स.)। ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को शिक्षा के महत्व के साथ भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ना राष्ट्रीय सेवा योजना का प्रमुख उद्देश्य है। ऐसे शिविर बच्चों में जागरूकता के साथ-साथ सकारात्मक सोच और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं। यह बातें गुरुवार को छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई-3 ‘विवेकानंद’ की कार्यक्रम प्रभारी डॉ. रंजना गौतम ने कही।

उन्होंने बताया कि ग्राम शिवदीनपुरवा में आयोजित एक दिवसीय विशेष शिविर के दौरान एनएसएस स्वयंसेवकों ने प्राथमिक विद्यालय का भ्रमण कर विद्यार्थियों से संवाद किया और उन्हें शिक्षा के महत्व के प्रति प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को भारतीय परम्पराओं, लोक कथाओं और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से नैतिक मूल्यों की जानकारी दी गई।

स्वयंसेवकों ने होली पर्व के ऐतिहासिक, धार्मिक और सामाजिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बच्चों को बताया कि यह पर्व बुराई पर अच्छाई की विजय, आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। रंगों के इस उत्सव के माध्यम से बच्चों में भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति सम्मान और अपनत्व की भावना विकसित करने का प्रयास किया गया।

शिविर के दौरान संवाद, प्रेरक प्रस्तुतियों और सांस्कृतिक गतिविधियों के जरिए बच्चों को समाज के प्रति सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया। बच्चों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण का संकल्प लिया। स्वयंसेवकों ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें शिक्षा और संस्कारों के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप