नोएडा श्रमिक आंदोलन के समर्थन में सपा मजदूर सभा का प्रदर्शन, रिहाई की उठी मांग
प्रयागराज, 22 अप्रैल (हि.स.)। नोएडा श्रमिक आंदोलन के समर्थन में बुधवार को समाजवादी पार्टी की फ्रंटल इकाई सपा मजदूर सभा ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के दौरान आंदोलन में शामिल श्रमिकों की गिरफ्तारी का विरोध करते हुए उनकी बिना शर्त रिहाई की मांग की गई।
सपा मजदूर सभा के प्रदेश अध्यक्ष धनीलाल श्रमिक ने कहा कि नोएडा का आंदोलन स्वतःस्फूर्त श्रमिक आंदोलन है, लेकिन प्रशासन द्वारा मजदूरों पर उत्पीड़न करते हुए उन्हें जेल भेजा जा रहा है और गंभीर धाराएं लगाई जा रही हैं, जो तानाशाही रवैया दर्शाता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश भर में पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत प्रदर्शन होना था, लेकिन नोएडा, बिजनौर, मेरठ और बुलंदशहर समेत कई जिलों में पुलिस ने सपा मजदूर सभा के पदाधिकारियों को घरों में नजरबंद कर दिया। इसे उन्होंने सरकार के इशारे पर की गई कार्रवाई बताया और इसकी कड़ी निंदा की।
ज्ञापन में राज्यपाल से मांग की गई
जेल में बंद श्रमिकों को तत्काल बिना शर्त रिहा किया जाए, न्यूनतम वेतन 26,000 रुपये मासिक किया जाए, काम के घंटे 08 तय किए जाएं, साप्ताहिक अवकाश सुनिश्चित किया जाए।
इसके साथ ही “फ्लोर लेवल वेज” और फिक्स्ड टर्म रोजगार को लेकर सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा गया कि इससे श्रमिकों के अधिकार कमजोर हो रहे हैं।
धनीलाल श्रमिक ने यह भी कहा कि “मजदूर बिगुल” पत्रिका को गलत तरीके से आंदोलन का मास्टरमाइंड बताकर बदनाम किया जा रहा है। वहीं, प्रशासन द्वारा आंदोलनरत मजदूरों पर “पाकिस्तानी कनेक्शन” और “अर्बन नक्सल” जैसे आरोप लगाए जाना भी निंदनीय है।
ज्ञापन में श्रमिकों के साथ वरिष्ठ पत्रकार सत्यम वर्मा की भी बिना शर्त रिहाई की मांग की गई और दमनात्मक कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने की अपील की गई।
प्रदर्शन में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राम मिलन यादव, महानगर अध्यक्ष सैयद इफ्तेखार हुसैन, प्रवक्ता दान बहादुर मधुर, कमला यादव, पंकज मौर्य, नवदीप यादव सहित बड़ी संख्या में सपा मजदूर सभा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल