पुरानी पेंशन की बहाली नहीं हुई तो हाेगी आर-पार की लड़ाई : राकेश तिवारी
कानपुर, 02 मई (हि.स.)। पुरानी पेंशन बहाली समेत कई मांगों को लेकर शिक्षक लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। सरकार द्वारा लगातार उपेक्षा की जा रही है और कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। यदि अब भी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। शिक्षक अब आर-पार की लड़ाई के लिए पूरी तरह तैयार हैं। यह बातें शनिवार को उ.प्र. माध्यमिक शिक्षक संघ (शर्मा गुट) कानपुर नगर के जिला अध्यक्ष राकेश तिवारी ने कही।
उ.प्र. माध्यमिक शिक्षक संघ (शर्मा गुट) के बैनर तले आज जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय, चुन्नीगंज के समक्ष शिक्षकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार लेकिन शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया। धरने में बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं शामिल हुए और अपनी लंबित समस्याओं को लेकर आवाज बुलंद की।
धरना कार्यक्रम का नेतृत्व जिला अध्यक्ष राकेश तिवारी ने किया। इस दौरान प्रदेशीय उपाध्यक्ष हेमराज सिंह गौर ने कहा कि शिक्षक समाज लंबे समय से अपनी जायज मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार लगातार अनदेखी कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
धरने में प्रमुख रूप से पुरानी पेंशन बहाली, चयन बोर्ड अधिनियम की धारा अठारह और इक्कीस की वापसी, तदर्थ शिक्षकों का विनियमितीकरण तथा वित्तविहीन शिक्षकों को समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग उठाई गई।
इसके साथ ही जनपद स्तर की समस्याओं में एन.पी.एस. कटौती का समुचित रखरखाव, जी.पी.एफ. में धनराशि समायोजन, लंबित पदोन्नति प्रकरणों का निस्तारण, चयन व प्रोन्नति से जुड़े मामलों का समय से समाधान, अवशेष भुगतान, शिक्षकों के उत्पीड़न पर रोक, सेवानिवृत्त शिक्षकों के देयकों का भुगतान तथा मानव सम्पदा पोर्टल पर सेवा अभिलेखों की त्रुटियों को सुधारने की मांग भी उठाई गई।
शिक्षक नेताओं मोहित मनोहर तिवारी और अनिल सचान ने कहा कि कई बार अपनी मांगों को उठाने के बावजूद अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे शिक्षकों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
धरने में समबृद्धि मिश्रा, एन.पी. सिंह गौर, मनीष मिश्र, रामकुमार सहित कई शिक्षक नेता और बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप