बाबा साहेब ने दलितों को स्वाभिमान, शिक्षा, संगठन और संघर्ष का दिखाया रास्ता : धनीराम बौद्ध

 


कानपुर, 14 अप्रैल (हि.स)। डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर ने दलित समाज को स्वाभिमान, शिक्षा, संगठन और संघर्ष का रास्ता दिखाया। आज समाज उनके विचारों से ओत-प्रोत होकर जाग चुका है। हम उनके बताए मार्ग पर चलकर अपने अधिकारों के लिए सदैव संघर्ष करते रहेंगे। कोई भी ताकत बाबा साहेब के कारवां को रोक नहीं सकती, यह बातें मंगलवार को भारतीय दलित पैंथर के प्रांतीय अध्यक्ष धनीराम बौद्ध ने कही।

भारतीय दलित पैंथर उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में डॉ. बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती समारोह आज मंगलवार के दिन छोटी पार्क, मैकरावर्टगंज में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन, पुष्पार्चन और त्रिसरण-पंचशील के पाठ से हुई।

हजारों की संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं ने 'जय भीम', 'संविधान पर आंच लगी तो खून बहेगा' और 'बाबासाहेब के वास्ते खाली कर दो रास्ते' जैसे नारे लगाए। प्रान्तीय अध्यक्ष पैंथर धनीराम बौद्ध ने बताया कि बाबा साहेब ने दलितों को स्वाभिमान, शिक्षा, संगठन और संघर्ष का रास्ता दिखाया। उन्होंने कहा कि जाति के आधार पर किसी को ऊंचा मानना पाप है और खुद को नीचा दिखाना महापाप है।

कार्यक्रम में यशवंत सिंह यादव, एन.के. गौतम, अचल सिद्धार्थ यादव, रमेश बौद्धाचार्य समेत कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। विचार गोष्ठी के बाद एक विशाल शोभायात्रा मैकरावर्टगंज से निकली, जो शहर के विभिन्न मार्गों से होती हुई नाना राव पार्क पहुंची, जहां बाबा साहब आंबेडकर को श्रद्धांजलि भी दी गई।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप