गोरखपुर में निषाद पार्टी की महारैली : भाषण के दौरान भावुक हुए डॉ. संजय निषाद, मंच पर छलके आंसू

 


गोरखपुर, 22 मार्च (हि.स.)। महंत दिग्विजय नाथ पार्क में आयोजित निषाद पार्टी की विशाल महारैली रविवार को भावनात्मक क्षणों की गवाह बन गई। उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद अपने संबोधन के दौरान इतने भावुक हो गए कि उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। आरक्षण की मांग को लेकर आयोजित इस रैली में पूर्वांचल के कई जिलों से हजारों की संख्या में समर्थक जुटे, जिससे पूरा मैदान जनसैलाब में बदल गया।

रैली से पहले डॉ. निषाद ने शहर में बाइक रैली निकालकर शक्ति प्रदर्शन किया। जगह-जगह उनका भव्य स्वागत हुआ। जैसे ही उनका काफिला महंत दिग्विजय नाथ पार्क पहुंचा, कार्यकर्ताओं ने फूल बरसाकर उनका अभिनंदन किया। हाथों में तख्तियां और पार्टी के झंडे लिए समर्थकों की नारेबाजी से माहौल पूरी तरह उत्साहपूर्ण बना रहा।

सभा को संबोधित करते हुए डॉ. निषाद ने भारी भीड़ के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह जनसमूह किसी कृत्रिम प्रयास का परिणाम नहीं, बल्कि अपने अधिकारों के लिए जागरूक समाज की ताकत है। उन्होंने कहा कि निषाद समाज अब अपने हक के लिए संगठित हो चुका है और आने वाले समय में यह आंदोलन और व्यापक होगा।

भाषण के दौरान जब उन्होंने निषाद समाज के साथ हुए ऐतिहासिक अन्याय और उपेक्षा का जिक्र किया, तो वे भावुक हो उठे। उनकी आवाज भर्रा गई और वे फूट-फूटकर रो पड़े। उन्होंने कहा, “हमारे समाज को वर्षों तक उसके अधिकारों से वंचित रखा गया है, लेकिन अब यह अन्याय ज्यादा दिनों तक नहीं चलेगा।” इस दृश्य ने मंच पर मौजूद नेताओं और नीचे खड़े समर्थकों को भी भावुक कर दिया।

डॉ. निषाद ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि दशकों तक निषाद समाज को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया गया, लेकिन उनके विकास के लिए ठोस प्रयास नहीं किए गए। उन्होंने कहा कि अब जब समाज अपने अधिकारों की आवाज उठा रहा है, तो उसकी अनदेखी नहीं की जा सकती।

आरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह केवल राजनीतिक विषय नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय का प्रश्न है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अन्य वर्गों को आरक्षण देने पर कोई विरोध नहीं हुआ, लेकिन निषाद समाज की मांगों को लगातार टाला गया। उन्होंने कहा कि अब समाज संगठित होकर अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ेगा।

सभा में उन्होंने बताया कि वर्तमान में निषाद पार्टी के 11 विधायक विधानसभा में सक्रिय हैं, जो समाज के मुद्दों को मजबूती से उठा रहे हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करने और पार्टी की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।

अपने संबोधन में डॉ. निषाद ने युवाओं और बच्चों के भविष्य पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उनकी पार्टी शिक्षा, रोजगार और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर निरंतर काम कर रही है। साथ ही उन्होंने अपनी पुस्तकों और विचारों को समाज तक पहुंचाने की बात कही, ताकि लोगों में अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़े।

कार्यक्रम के अंत में उन्होंने एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि अब समय आ गया है जब निषाद समाज अपनी ताकत पहचानकर निर्णायक संघर्ष करे। महारैली में उमड़ी भीड़ और कार्यकर्ताओं का उत्साह यह संकेत दे रहा है कि आने वाले समय में यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति में और अधिक प्रभावी रूप से उभर सकता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय