उत्तर प्रदेश में चुनावी तैयारियों में जुटी निषाद पार्टी

 


लखनऊ, 21 जुलाई (हि.स.)। निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल (निषाद पार्टी) ने लखनऊ में आयोजित पांच दिवसीय पदाधिकारी मंथन एवं शिक्षण-प्रशिक्षण कार्यक्रम किया जा रहा है। कार्यक्रम के दूसरे दिन मंगलवार को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद के नेतृत्व में इस प्रशिक्षण शृंखला के अंतर्गत युवा मोर्चा, सोशल मीडिया एवं आईटी सेल के जनपद प्रभारियों के साथ शिक्षण-प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। वहीं, 24 जुलाई 2026 को निषाद पार्टी के संकल्पित, सक्रिय, प्रदेश, मंडल एवं जिला पदाधिकारियों की प्रादेशिक शिक्षण-प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की जाएगी।

डॉ. संजय कुमार निषाद ने कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए आयोजित किया जा रहा है। निषाद पार्टी समय-समय पर अपने पदाधिकारियों के लिए शिक्षण-प्रशिक्षण कार्यशालाओं का आयोजन करती रही है, ताकि संगठन के पदाधिकारी प्रदेश की राजनीतिक परिस्थितियों, समय-समय पर होने वाले परिवर्तनों तथा पार्टी की नीतियों एवं दिशा-निर्देशों को भली-भांति समझ सकें और उन्हें जन-जन तक प्रभावी ढंग से पहुँचा सकें। उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी अपने पदाधिकारियों के साथ व्यापक चिंतन एवं मंथन कर रही है।

डॉ. निषाद ने कहा कि निषाद समाज के नाम पर राजनीति करने वाले विपक्षी नेताओं द्वारा विगत साढ़े चार वर्षों के कार्यकाल का जवाब मांगा जा रहा है, जिसका तथ्यात्मक एवं प्रभावी उत्तर दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि जो लोग आज आरक्षण के मुद्दे पर हमसे प्रश्न कर रहे हैं, उन्हें यह भी बताना चाहिए कि मुख्यमंत्री द्वारा भारत के महापंजीयक एवं जनगणना आयुक्त (आरजीआई) को पत्र लिखे जाने तथा आरजीआई से प्राप्त उत्तर के बाद यह स्पष्ट हुआ कि मझवार एवं तुरैहा अनुसूचित जाति की श्रेणी में आते हैं तथा संबंधित उपजातियों के विषय में जो स्थिति स्पष्ट हुई है, वह निषाद पार्टी और उसके सतत संघर्ष का परिणाम है। उन्होंने कहा कि जो लोग लगभग 70 वर्षों तक सत्ता में भागीदार रहे, मंत्री, सांसद और विधायक बने, लेकिन समाज को उसका अधिकार नहीं दिला सके, वही आज हमसे साढ़े चार वर्षों का हिसाब मांग रहे हैं। निषाद पार्टी आरक्षण के मुद्दे पर बनी थी और आज भी अपने मूल उद्देश्य एवं संकल्प पर पूरी दृढ़ता के साथ कायम है।

उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि समाज को बताया जाए कि सरकार में आने के बाद बीते साढ़े चार वर्षों में क्या कार्य किए गए और किन क्षेत्रों में ऐतिहासिक परिवर्तन लाए गए। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश का मत्स्य विभाग मछुआ समाज के कल्याण तथा उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रभावी ढंग से कार्य कर रहा है। पूर्व में भी प्रदेश में मत्स्य विभाग था, किन्तु मछुआ समाज के हित में योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन नहीं हो पाता था।

डॉ. निषाद ने बताया कि वर्तमान सरकार में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, प्रधानमंत्री मछुआ दुर्घटना बीमा योजना, मत्स्य क्षेत्र के लिए किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी), मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना, माता सुकेता केज कल्चर योजना, निषाद राज बोट योजना तथा मत्स्य पालक कल्याण कोष के अंतर्गत शिक्षा, चिकित्सा, विवाह, दैवीय आपदा सहित विभिन्न मदों में आर्थिक सहायता जैसी अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी संचालन किया जा रहा है। इन योजनाओं के माध्यम से मछुआ समाज को आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाते हुए विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इन सभी योजनाओं एवं सरकार द्वारा किए गए कार्यों की विस्तृत जानकारी पार्टी पदाधिकारियों को प्रशिक्षण के माध्यम से दी जा रही है, ताकि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर आमजन को जागरूक करें, पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाएं तथा समाज को सरकार एवं पार्टी की उपलब्धियों से अवगत कराएं।

हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा