निपुण भारत मिशन को नई मजबूती देगी योगी सरकार, 232 संदर्भदाताओं को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण

 


लखनऊ, 14 जून (हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार निपुण भारत मिशन को विद्यालय स्तर पर और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (एफएलएन) तथा एनसीईआरटी आधारित पाठ्यपुस्तकों पर आधारित शिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रदेश के 58 जनपदों से 232 शैक्षणिक संदर्भदाताओं को राज्य स्तरीय आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। तीन चरणों में 22 जून से 10 जुलाई तक राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान (एसआईएचएफडब्ल्यू), लखनऊ में आयोजित होने वाले इस प्रशिक्षण के माध्यम से एआरपी और डायट मेंटरों की ऐसी प्रशिक्षित टीम तैयार की जाएगी, जो आगे चलकर ब्लॉक स्तर पर हजारों शिक्षकों को प्रशिक्षित कर निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को कक्षा-कक्ष तक प्रभावी ढंग से पहुंचाएगी। योगी सरकार की यह पहल बुनियादी शिक्षा में गुणवत्ता, सीखने के परिणामों और निपुण लक्ष्यों की प्राप्ति को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

योगी सरकार का फोकस केवल विद्यालयों में आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि कक्षा में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सुनिश्चित करने पर भी है। इसी उद्देश्य से शैक्षणिक सत्र 2026-27 में निपुण भारत मिशन के अंतर्गत एफएलएन और एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकों पर आधारित प्राथमिक विद्यालयों के सभी शिक्षकों एवं शिक्षामित्रों के लिए प्रस्तावित पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम को प्रभावी बनाने हेतु जिला स्तरीय संदर्भदाताओं का राज्य स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है।

तीन चरणों में होगा प्रशिक्षण, 232 प्रतिभागी होंगे शामिलराज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन एसआईएचएफडब्ल्यू, सेक्टर-18, इंदिरा नगर, लखनऊ में तीन चरणों में किया जाएगा। प्रथम चरण 22 जून से 26 जून, द्वितीय चरण 29 जून से 3 जुलाई तथा तृतीय चरण 6 जुलाई से 10 जुलाई 2026 तक आयोजित होगा। इन तीनों चरणों में कुल 58 जनपदों से 232 प्रतिभागी प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। प्रत्येक जनपद से चार संदर्भदाता नामित किए जाएंगे, जिनमें दो एआरपी और दो डायट मेंटर शामिल होंगे।

हिंदी, गणित और अंग्रेजी शिक्षण पर विशेष फोकसप्रशिक्षण के लिए चयनित चार संदर्भदाताओं में कम से कम एक-एक प्रतिभागी हिंदी, गणित और अंग्रेजी विषय से संबंधित होना अनिवार्य किया गया है। जिन जनपदों में एआरपी की संख्या दो से कम होगी, वहां अतिरिक्त डायट मेंटरों को नामित किया जाएगा। विषय की गहरी समझ और प्रशिक्षण संचालन की क्षमता रखने वाले एआरपी एवं डायट मेंटरों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।

सीखने के परिणामों में सुधार को मिलेगी नई गतिनिपुण भारत मिशन का मूल उद्देश्य बच्चों में आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान को मजबूत करना है। योगी सरकार द्वारा लगातार शिक्षक प्रशिक्षण, अकादमिक अनुश्रवण, निपुण मूल्यांकन और गतिविधि आधारित शिक्षण को बढ़ावा दिया जा रहा है।

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लक्ष्य की ओर बढ़ता उत्तर प्रदेशमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में शिक्षा क्षेत्र में संरचनात्मक सुधारों के साथ-साथ शैक्षणिक गुणवत्ता संवर्धन पर लगातार कार्य किया जा रहा है। निपुण भारत मिशन के अंतर्गत आयोजित यह राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों की क्षमता वृद्धि, अकादमिक नेतृत्व को मजबूत बनाने और विद्यार्थियों को बेहतर अधिगम अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन