शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे के लिए 60 प्रतिशत गांवों का सर्वे पूरा

 


मुरादाबाद, 18 जुलाई (हि.स.)। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे के लिए 60 प्रतिशत गांवों का संयुक्त सर्वे हो चुका है। जुलाई तक सर्वे का काम पूरा होने होने की उम्मीद है। इसके बाद अलगे महीने से एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण का काम शुरू हो जाएगा। 35 गांवों के किसानों की जमीन ली जाएगी।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में शामिल शामली गोरखपुर एक्सप्रेसवे के लिए एनएचएआई के अधिकारी काफी तेजी के साथ कार्य कर रहे हैं। इस एक्सप्रेस में मुरादाबाद जिले के 35 गांव आ रहे हैं। एनएचएआई के साथ राजस्व विभाग और एक अन्य एजेंसी की टीम गांवों का संयुक्त रूप से सर्वे कर रही है। इसमें ट्यूबवेलों, बिजली के खंभों, तालाबों, मकानों, सरकारी जमीनों, खेतों, पेड़ों का ब्यौरा इकट्ठा किया जा रहा है। साथ ही खतौनी और खसरे के आधार पर निर्धारित किया जा रहा हैं कि खेतों, ट्यूबवेलों और पेड़ों का मालिकाना हक किसके पास है ताकि बाद में विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो सके। सह खातेदारों के नाम भी दर्ज किए जा रहे हैं।

जिला प्रशासन अवार्ड होने के बाद जमीन के गाटा संख्या और खातों की फिर जांच करेगा।

एनएचएआई ने अगस्त माह में अधिग्रहण के लिए 3 डी का गजट प्रकाशित करेगा। गजट के 21 दिनों बाद जमीन अवार्ड हो जाएगी। गजट के बाद कोई खेत स्वामी अपनी जमीन नहीं बेच सकेगा। जिला प्रशासन खेत के स्वामियों की जांच कर मुआवजा निर्धारित करेगा। जिला प्रशासन ने पत्र भेजकर एनएचएआई के परियोजना निदेशक से 3 डी गजट के बारे में जानकारी मांगी है।

एनएचएआई के परियोजना निदेशक अरविंद कुमार ने शनिवार को बताया कि ज्वाइंट सर्वे का काम 40 प्रतिशत काम अभी बाकी है। जुलाई तक सर्वे पूरा होने पर अगस्त में 3डी का गजट प्रकाशित होगा। प्रकाशन के 21 दिन बाद जमीन अवार्ड हो जाएगी। अभी सिर्फ सीतापुर जिले का सर्वे पूरा हुआ है। मुरादाबाद, बरेली, रामपुर और बिजनौर जिले में सर्वे का काम चल रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / निमित कुमार जायसवाल