पीएचडी व्यवस्था दुरुस्त करने को बनी नई टीम, प्रो. राजकुमार बने निदेशक
जौनपुर, 23 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में स्थित वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में शोध प्रशासन को व्यवस्थित करने और पीएचडी प्रक्रिया को पारदर्शी एवं गतिमान बनाने के लिए अनुसंधान एवं विकास सेल की नई टीम गठित की गई है। कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह के निर्देश पर गठित इस टीम में प्रो. राजकुमार को अनुसंधान एवं विकास सेल का निदेशक नामित किया गया है। कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार सिंह ने इस संबंध में कार्यालय आदेश जारी किया है।
नई व्यवस्था के तहत राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के निर्धारित मानकों के अनुरूप शोध प्रवेश से लेकर पीएचडी उपाधि प्रदान करने तक की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया जाएगा। निदेशक को शोधप्रबंध के अभिलेखीकरण, निगरानी, नीति निर्धारण और लंबित प्रकरणों के निस्तारण की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कार्यकारी टीम में डॉ. मनीष कुमार गुप्ता को पीएचडी प्रवेश, अभिलेख, शोध निर्देशक एवं सीट पंजिका, आरडीसी कैलेंडर और डिजिटल कार्यप्रणाली का दायित्व दिया गया है। प्रो. संतोष कुमार को कोर्स वर्क, शोधार्थियों की प्रगति, सेमेस्टर समीक्षा, प्रशिक्षण तथा जेआरएफ से एसआरएफ मूल्यांकन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इसी क्रम में प्रो. नरेंद्र कुमार सिंह शोध पद्धति, शोध नैतिकता, गुणवत्ता, प्रकाशन मार्गदर्शन और प्रयोगशाला पद्धतियों का काम देखेंगे। प्रो. विनोद कुमार गुप्ता को प्री-सबमिशन, शोधप्रबंध संबंधी कार्यवाही, परीक्षक नियुक्ति, मूल्यांकन, मौखिक परीक्षा, उपाधि अभिलेख और शोध डैशबोर्ड की जिम्मेदारी दी गई है।
समिति पीएचडी प्रक्रिया पुस्तिका और अध्यादेश का नया प्रारूप तैयार कर सक्षम निकायों से अनुमोदित कराएगी। सेल के कार्यों में सहयोग के लिए प्रशासनिक एवं तकनीकी कर्मचारियों की भी तैनाती की गई है। इनमें प्रशासनिक अधिकारी रघुनन्दन यादव, प्रधान सहायक गुलाब चंद एवं राजेंद्र प्रताप सिंह, कनिष्ठ सहायक नीलम सिंह, कंप्यूटर ऑपरेटर सुशील प्रजापति एवं प्रदीप कुमार सिंह तथा परिचर अंजनी तिवारी एवं जैनेन्द्र कुमार विश्वकर्मा शामिल हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। नई व्यवस्था से शोध संबंधी कार्यों में समन्वय बढ़ाने, प्रक्रियाओं को समयबद्ध बनाने और लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी लाने पर जोर रहेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / विश्व प्रकाश श्रीवास्तव