भारत केंद्रित शिक्षा से ही सम्भव है बालकों का सर्वांगीण विकास : हेमचंद्र

 


--नवचयनित आचार्य प्रशिक्षण वर्ग का तीसरा दिन

प्रयागराज, 23 मई (हि.स)। सिविल लाइन्स स्थित ज्वाला देवी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में आयोजित पन्द्रह दिवसीय ’’नवचयनित आचार्य प्रशिक्षण वर्ग’’ के तीसरे दिन मुख्य वक्ता विद्या भारती पूर्वी उप्र के क्षेत्रीय संगठन मंत्री हेमचंद्र ने ’बालक का विकास हमारी संकल्पना एवं समग्र विकास की अवधारणा’ विषय पर दो महत्वपूर्ण सत्रों में वर्ग में उपस्थित आचार्य बन्धु भगिनी को सम्बोधित किया।

उन्होंने कहा कि किसी भी संस्था के नियमों को समझने और आचरण में ढालने के लिए प्रशिक्षण नितांत आवश्यक है। इसी ध्येय के साथ विद्या भारती प्रतिवर्ष अपने नवीन आचार्यों के लिए इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन करती है। हमारा उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि भैया-बहनों का सर्वांगीण विकास करना है। इसके अंतर्गत छात्रों का शारीरिक, प्राणिक, मानसिक, बौद्धिक एवं आध्यात्मिक विकास सुनिश्चित किया जाता है। पहले की शिक्षा नीतियां यूरोप केंद्रित थीं, जबकि वर्तमान की नई शिक्षा नीति पूरी तरह भारत केंद्रित है, जो हमारी जड़ों और संस्कृति से जोड़ती है।’’

विद्यालय के मीडिया प्रभारी सरोज दूबे ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत में प्रदेश निरीक्षक शेषधर द्विवेदी ने मुख्य वक्ता सहित सभी नवागत अतिथियों का स्मृति चिन्ह, अंगवस्त्रम तथा श्रीफल भेंट कर आत्मीय स्वागत व अभिनंदन किया। पन्द्रह दिनों तक चलने वाले इस सघन प्रशिक्षण वर्ग में नवचयनित आचार्य बंधु-भगिनी को शिक्षा जगत के विभिन्न विद्वानों और विषय विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षित किया जा रहा है। प्रशिक्षण को प्रभावी बनाने के लिए प्रतिदिन अलग-अलग सत्रों की रूपरेखा तैयार की गई है, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैंः-

’वैचारिक सत्र’ शिक्षा के मूल उद्देश्यों और विद्या भारती की विचारधारा पर विमर्श।’शैक्षिक सत्र’ आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन पर चर्चा।’क्रियात्मक सत्र’ व्यावहारिक कौशल, अनुशासन और विद्यालय प्रबंधन का सजीव प्रशिक्षण।’चर्चात्मक सत्र’ परस्पर संवाद के माध्यम से शिक्षण की चुनौतियों और उनके समाधानों का अन्वेषण।

मीडिया प्रभारी ने बताया कि इस प्रशिक्षण वर्ग का मुख्य उद्देश्य आचार्यों को कुशल, संस्कारी और आधुनिक युग के अनुरूप तैयार करना है ताकि वे राष्ट्र निर्माण में अपनी महती भूमिका निभा सकें। कार्यक्रम में विद्यालय के वरिष्ठ पदाधिकारी, प्रबंध समिति के सदस्य और भारी संख्या में नवचयनित आचार्य बंधु उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र