जलभराव में फंसे 25 परिवारों के बचाव में उतरी एनडीआरएफ, भौती-पनका पुल बंद
-गोपालपुरम-जरौली फेज-2 में राहत एवं बचाव कार्य शुरू, पुल के ऊपर से बह रहा पांडु नदी का पानी
कानपुर, 03 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के कानपुर में पांडु नदी का जलस्तर बढ़ने से गोपालपुरम और जरौली फेज-2 के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति गंभीर हो गई। गुरुवार को करीब 25 परिवारों के पानी के बीच फंसे होने की सूचना पर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम को मौके पर बुलाया गया। टीम ने पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया, जबकि प्रशासन की टीमें भी प्रभावित इलाकों में लगातार निगरानी कर रही हैं।
संयुक्त मजिस्ट्रेट/एसडीएम सदर अनुभव सिंह और तहसीलदार सदर विनय द्विवेदी ने पांडु नदी के जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों और स्थानीय लोगों से बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली। प्रभावित लोगों के लिए राहत किट की भी व्यवस्था कराई गई है।
आज ग्राम पनका बहादुर नगर में भौती-पनका संपर्क मार्ग स्थित पुल के ऊपर से पांडु नदी का पानी बहने लगा। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने पुल पर बैरिकेडिंग कराकर आवागमन पूरी तरह बंद करा दिया। स्थानीय पुलिस को मौके पर सतर्क रहने और पुल से किसी भी तरह का आवागमन प्रतिबंधित रखने के निर्देश दिए गए हैं।
उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग के सदस्य रमेश चंद्र कुंडे ने भी मायापुरम और रविदासपुरम के जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभावित लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं। साथ ही जलभराव वाले क्षेत्रों में रह रहे लोगों से सुरक्षा के दृष्टिगत निकट स्थित बाढ़ आश्रय स्थल श्री विशम्भर नाथ ठाकुर इंटर कॉलेज में पहुंचने की अपील की।
बाढ़ आश्रय स्थल पर प्रभावित लोगों के लिए सामुदायिक रसोई शुरू कर दी गई है। यहां रोजाना करीब 400 लोगों के लिए भोजन तैयार कराया जा रहा है। प्रशासन पांडु नदी के जलस्तर और जलभराव प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप