एनडीए सरकार दे रही उजड़ी जातियों को अधिकार और सम्मान : संजय निषाद

 

कैबिनेट मंत्री बोले- अंग्रेजों और मुगलों के दौर में विस्थापित लोगों को हमारी सरकार कर रही स्थापित, निर्बलों को बनाएंगे सबल

अखिलेश पर कटाक्ष- सत्ता में रहते शहीदों और उजड़ी जातियों की चिंता की होती तो उसका महत्व होता

कुछ लोगों ने सत्ता और अवसर मिलने के बाद भी आजादी का महत्व नहीं समझा : निषाद

लखनऊ, 15 अगस्त। कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने कहा कि देश की आजादी के लिए जिन लोगों ने तलवार और तोप का सामना किया, फांसी पर चढ़े और अपना सबकुछ गंवाया, उनके लिए पिछली सरकारों ने कुछ नहीं किया। अंग्रेजों और मुगलों के दौर में विस्थापित हुए ऐसे लोगों को स्थापित करने और उन्हें संवैधानिक अधिकार दिलाने के लिए एनडीए सरकार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जो निर्बल हैं, उन्हें सबल बनाना हमारी सरकार की प्राथमिकता है।

संजय निषाद ने कहा कि आज स्वतंत्रता दिवस है, लेकिन पूर्व की सरकारों में कुछ लोगों ने सत्ता और अवसर मिलने के बाद भी आजादी का महत्व नहीं समझा। देश को आजाद कराने और संविधान निर्माण की राह तैयार करने में जिन उजड़े-बिखरे लोगों का योगदान रहा, सत्ता में रहने वालों ने उनकी सुध नहीं ली थी। लेकिन अब हमारी सरकार में इन सभी को अवसर मिले हैं।

सपा मुखिया अखिलेश यादव के मुद्दे पर कटाक्ष करते हुए निषाद ने कहा कि सत्ता में रहते उन्होंने शहीदों को याद किया होता, तिरंगा यात्रा निकाली होती और देश की आजादी के लिए संघर्ष करने वाली उजड़ी जातियों के उत्थान के लिए काम किया होता तो उसका महत्व होता। अब एनडीए सरकार ऐसे समाज को सम्मान देने और आगे बढ़ाने का काम कर रही है।

उन्होंने सपा पर महिलाओं की उपेक्षा का भी आरोप लगाया। कहा कि जब सपा सत्ता में थी, तब महिलाओं के लिए कुछ नहीं किया गया। ऐसे में अब उनसे किसी बड़े बदलाव की उम्मीद कैसे की जा सकती है।

पैसा नहीं, रोजगार और व्यवस्था की जरूरत

संजय निषाद ने कहा कि लोगों को केवल पैसा बांटने के बजाय ऐसी व्यवस्था की जरूरत है, जो उन्हें आत्मनिर्भर बनाए। लोकतंत्र में सीधे पैसा देना समाधान नहीं है। बेहतर नीति और योजनाओं के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराने और आगे बढ़ने में सहायता देने की जरूरत है। हमारी सरकार रोजगार के अवसर देने के साथ लोगों को इसके लिए आवश्यक सहयोग भी दे रही है।

उन्होंने कहा कि अंग्रेजों और मुगलों के दौर में विस्थापित हुए लोगों को हमारी सरकार फिर से स्थापित कर रही है। जो लोग पिछली व्यवस्थाओं के ‘गजट और बजट’ के शिकार रहे हैं, उनके संवैधानिक अधिकारों के लिए हम हमेशा आवाज उठाएंगे।