ट्रैक मशीनों के ओवरहॉलिंग, पुनर्वास एवं तकनीकी उन्नयन का प्रमुख केन्द्र बनी सीपीओएच : जेसी चौरसिया

 


--केन्द्रीय आवधिक ओवरहॉलिंग कार्यशाला का 40वां स्थापना दिवस समारोह

प्रयागराज, 13 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर मध्य रेलवे की महत्वपूर्ण इकाई केन्द्रीय आवधिक ओवरहॉलिंग कार्यशाला (सीपीओएच), प्रयागराज ने भारतीय रेल की सेवा के 40 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में अपना 40वां स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया। 11 अप्रैल 1987 को स्थापित यह कार्यशाला आज ट्रैक मशीनों के ओवरहॉलिंग, पुनर्वास एवं तकनीकी उन्नयन का प्रमुख केन्द्र बन चुकी है, जो देशभर में रेल पटरियों की सुरक्षा, विश्वसनीयता एवं दक्षता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर मध्य रेलवे के प्रमुख मुख्य अभियंता जे.सी. चौरसिया ने बताया कि भारतीय रेल में कुल चार सीपीओएच कार्यशालाओं में प्रयागराज स्थित कार्यशाला न केवल सबसे पुरानी है, बल्कि उत्पादकता के मामले में भी अग्रणी है। उन्होंने बताया कि सीपीओएच, प्रयागराज ने जटिल ट्रैक मशीनों एवं उनके महत्वपूर्ण पुर्जों के ओवरहॉलिंग के माध्यम से लागत में कमी लाने के साथ-साथ आत्मनिर्भरता को भी सुदृढ़ किया है। कार्यशाला द्वारा विकसित टैम्पिंग यूनिट के स्वदेशीकरण से प्रति सेट लगभग 02 करोड़ रूपये की बचत हो रही है, जिससे विदेशी ओईएम निर्भरता में उल्लेखनीय कमी आई है।

जेड एफ गियर बॉक्स का ओवरहॉलिंग इस कार्यशाला की एक विशिष्ट उपलब्धि है, जिसमें यह भारतीय रेल का एकमात्र विशेषज्ञ केन्द्र है। इसके अतिरिक्त गियर बॉक्स, लिफ्टिंग यूनिट, एक्सल एवं पहियों सहित अनेक स्पेयर पार्ट्स का सफल स्वदेशीकरण कर विदेशी मुद्रा की बचत सुनिश्चित की गई है। कार्यशाला द्वारा कंडम घोषित ट्रैक मशीनों का पुनर्वास कर उन्हें पुनः उपयोग में लाया गया है, जिससे नई मशीनों की खरीद पर होने वाले करोड़ों रुपये के व्यय की बचत हुई है। पिछले चार दशकों में कई इन-हाउस तकनीकी नवाचार विकसित किए गए हैं।

वरिष्ठ जनसम्पर्क अधिकारी अमित मालवीय ने बताया कि इस अवसर पर सुनील कुमार गुप्ता मुख्य कार्य प्रबंधक, सीपीओएच संजय अस्थाना उप मुख्य अभियंता, सी पीओएच सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। समारोह के दौरान कार्यशाला की तकनीकी उपलब्धियों एवं भारतीय रेल की ट्रैक अनुरक्षण प्रणाली में इसके महत्वपूर्ण योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला।

ट्रैक मशीनों की गुणवत्ता एवं प्रदर्शन को बेहतर बनाने हेतु कम्प्यूटरीकृत जेड एफ टेस्ट बेंच, एक्सल टेस्ट बेंच, क्लच असेम्बली टेस्ट बेंच, टैम्पिंग यूनिट टेस्ट बेंच, हाइड्रोलिक एवं इलेक्ट्रिकल टेस्ट बेंच जैसी आधुनिक सुविधाएँ विकसित की गई हैं। इस अवसर पर प्रमुख मुख्य अभियंता ने भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ट्रैक मैकेनाइजेशन के क्षेत्र में और अधिक तकनीकी उन्नयन एवं सुधार के लिए सुझाव भी दिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र