मां कल्याणी के कालरात्रि स्वरूप का दर्शन प्राप्त कर भक्त हुए भक्ति से सराबोर

 


-दुर्गा सप्तशती का हुआ पाठ, भक्तों ने चढ़ाए निशान

-27 मार्च को होगा श्री राम जन्मोत्सव का आयोजन

-जीव जब जीवन के धर्म रथ पर आरूढ़ होगा तभी विजय प्राप्त करेगा: डॉ. अनिरुद्ध महाराज

प्रयागराज, 25 मार्च (हि.स)। मां कल्याणी देवी मंदिर धाम में चल रहे नवरात्रि महोत्सव के सप्तम दिवस पर प्रातःकाल महामंत्री पं. श्यामजी पाठक ने विधि-विधान से मां कल्याणी की मंगला आरती कर माता कालरात्रि का आह्वान किया। दोपहर 2 बजे तक मां का दर्शन-पूजन करने के लिए मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ लगी रही और दर्शन पूजन के पश्चात भक्तों ने बच्चों का कर्णछेदन और मुंडन कराया।

मंदिर प्रांगण में चल रही दुर्गा सप्तशती पाठ और शतचंडी महायज्ञ में भाग लिया। शाम को मां कल्याणी देवी का शृंगार दर्शन का पट भक्तों के लिए खोला गया और मां कल्याणी ने साक्षात कालरात्रि स्वरूप में हाथों में खड्ग,गले में मुंडमाला और भगवान शिव के ऊपर होकर सवार दिव्य स्वरूप में भक्तों को दर्शन दिया। मां के अलौकिक रूप का शृंगार दर्शन प्राप्त कर भक्तगण भक्ति की मस्ती में सराबोर होकर कालों की काल महारानी काली का जोरदार जयकारा लगाते रहे और पूरा कल्याणी देवी धाम मां के जयकारे से गूंज उठा।

आरती अध्यक्ष पं. सुशील कुमार पाठक ने बताया कि गुरुवार को नवरात्र की महाअष्टमी तिथि पर मां कल्याणी देवी का शृंगार माता महागौरी के स्वरूप में किया जाएगा। मां का सम्पूर्ण शृंगार स्वर्ण आभूषणों एवं फूल फल एवं मेवों से किया जाएगा। मेले के प्रबंधन अध्यक्ष सुशील कुमार पाठक, महामंत्री श्यामजी पाठक, संयोजक अनिल पाठक, यज्ञाचार्य संतोषानंद महाराज, दिलीप पाठक सहित सैकड़ों स्वयंसेवक एवं पुलिस के जवान तैनात रहे।

मीडिया प्रभारी राजेश केसरवानी ने बताया कि इस अवसर पर मां कल्याणी देवी मंदिर धाम के अंतर्गत श्री नवसंवत्सर मानस समिति द्वारा आयोजित श्री राम कथा के सप्तम दिवस पर भक्तों को कथा का रसपान कराते हुए कथा व्यास डॉ. अनिरुद्ध महाराज ने लंका कांड के प्रसंग को सुनाते हुए भगवान श्री राम और विभीषण के संवाद का वर्णन करते हुए कहा कि जीव जब जीवन के धर्म रथ पर आरुढ़ होगा तभी विजय प्राप्त करेगा। उस रथ में शौर्य और धैर्य के दो पहिए तथा बल, विवेक, संयम और परोपकार के चार घोड़े होने चाहिए। दया, क्षमा और सत्य शील की रस्सी और ध्वजा होने चाहिए। उस रथ का सारथी जानकार होना चाहिए जो जीव को जीवन के कुचक्र को भेदते हुए उसे परम सत्ता के लक्ष्य तक सफलता पूर्वक पहुंचा सके।

कथा का संचालन प्रवक्ता ओंकार नाथ त्रिपाठी ने किया और बताया कि रामनवमी के अवसर पर 27 मार्च को दोपहर 12 बजे समिति के द्वारा धूमधाम के साथ श्री राम जन्मोत्सव एवं प्रसाद वितरण का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पंडित कृष्ण कुमार पाठक, महामंत्री सुबोध खन्ना, शिवबाबू त्रिपाठी, राजेश केसरवानी, मनोज टंडन, कुंवरजी टंडन, राजू यादव सहित सैकड़ों भक्तों ने आरती की।

हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र