सीएसजेएमयू : राष्ट्रीय वित्तीय साक्षरता अभियान में वित्तीय समझ और आत्मनिर्भरता पर रहा जाेर

 


कानपुर, 20 जनवरी (हि. स.)। उत्तर प्रदेश के कानपुर जनपद में कल्याणपुर स्थित छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ़ बिज़नेस मैनेजमेंट (एसबीएम) की तरफ से मंगलवार को “उसके धन को सशक्त बनाएं, उसके भविष्य को सशक्त बनाएं” शीर्षक के तहत चल रहे राष्ट्रीय वित्तीय साक्षरता अभियान के दूसरे सत्र का आयोजन हुआ। यह जानकारी मंगलवार को सीएसजेएमयू मीडिया प्रभारी डॉ दिवाकर अवस्थी ने दी।

सीएसजेएमयू मीडिया प्रभारी डॉ दिवाकर अवस्थी ने बताया कि यह अभियान मिराए एसेट म्यूच्यूअल फण्ड और फिनएक्स की रणनीतिक साझेदारी के तहत संचालित किया जा रहा है, जिसमें सीआईईल क्रियान्वयन सहयोगी के रूप में कार्य कर रहा है। इस साझेदारी के माध्यम से मिराए एसेट की निवेश विशेषज्ञता और फिनएक्स की वित्तीय शिक्षा पहुँच क्षमता को एक साथ लाकर देशभर की महिलाओं में वित्तीय समझ और आत्मनिर्भरता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। यह 15 दिवसीय राष्ट्रीय अभियान 12 से 26 जनवरी तक चल रहा है और इसका लक्ष्य पूरे भारत में 30,000 महिलाओं तक वित्तीय जागरूकता पहुँचाना है।

उन्होंने बताया कि कैंपस के स्कूल ऑफ़ बिज़नेस मैनेजमेंट ने मिराए एसेट और फिनएक्स के साथ समन्वय स्थापित कर इस अभियान की योजना, संचालन और क्रियान्वयन में केंद्रीय भूमिका निभाई। आयोजन के दूसरा सत्र उद्योग विशेषज्ञ निहारिका गुप्ता ने संचालित किया, जो मिराए-एसेट -फिन एक्स पहल से संबद्ध प्रशिक्षक हैं। उन्होंने बताया कि बचत का महत्व, महँगाई का प्रभाव, म्यूचुअल फंड, सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी), चक्रवृद्धि ब्याज की शक्ति और लक्ष्य-आधारित वित्तीय योजना जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की। सत्र में लाइव क्विज़, चर्चा और वास्तविक जीवन के उदाहरणों के माध्यम से प्रतिभागियों को व्यावहारिक रूप से समझाया गया कि वे अपने वित्तीय भविष्य को कैसे सुरक्षित कर सकते हैं।

एसबीएम के निदेशक प्रो. सुधांशु पांडिया ने कहा कि मिराए एसेट-फिनएक्स -सीएसजेएमयू साझेदारी के तहत चल रहा यह अभियान युवा महिलाओं में वित्तीय आत्मविश्वास विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि एसबीएम का उद्देश्य केवल अकादमिक उत्कृष्टता नहीं, बल्कि छात्रों को वास्तविक जीवन में बेहतर और सूझबूझ भरे वित्तीय निर्णय लेने के लिए तैयार करना भी है। सभी प्रतिभागियों को उसी दिन ई-प्रमाण पत्र प्रदान किए गए और इस राष्ट्रीय पहल में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए सीएसजेएमयू और विशेष रूप से एसबीएम की मिराई एसेट और फिन एक्स द्वारा सराहना की गई। 20 जनवरी को दूसरे सत्र की सफल समाप्ति के साथ सीएसजेएमयू ने एक बार फिर यह सिद्ध किया कि वह महिलाओं को वित्तीय रूप से जागरूक, आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध एक प्रगतिशील विश्वविद्यालय है।

हिन्दुस्थान समाचार / मो0 महमूद