स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को बनाना होगा जीवन का अनिवार्य हिस्सा : डॉ. राजकिशोर

 




गोरखपुर, 23 अगस्त (हि.स.)। महाराणा प्रताप महाविद्यालय जंगल धूसड़, गोरखपुर में राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की 12वीं पुण्यतिथि की स्मृति में आयोजित सप्तदिवसीय व्याख्यानमाला के छठवें दिन रविवार को ‘स्वस्थ जीवन : मानवता के संप्रभुता की कुंजी’ विषय पर विशिष्ट व्याख्यान आयोजित किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता बी.आर.डी. मेडिकल कॉलेज गोरखपुर के वरिष्ठ चिकित्सक एवं मेडिसिन विभाग के आचार्य डॉ. राजकिशोर सिंह ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में अनियमित खान-पान, पर्याप्त नींद का अभाव, शारीरिक निष्क्रियता और तनाव अनेक बीमारियों को जन्म दे रहे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को जीवन का अनिवार्य हिस्सा बनाना होगा।

डॉ. राजकिशोर सिंह ने कहा कि स्वस्थ जीवन केवल बीमारी से मुक्त रहने का नाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक सुव्यवस्थित कला और संतुलित जीवनशैली का परिणाम है। व्यक्ति का वास्तविक स्वास्थ्य उसके शारीरिक, मानसिक और सामाजिक संतुलन में निहित है। उन्होंने कहा कि बीमारी का उपचार करने से अधिक महत्वपूर्ण है बीमारी को उत्पन्न होने से रोकना। इसके लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद, स्वच्छता, सकारात्मक सोच और तनाव प्रबंधन को दैनिक जीवन में अपनाना आवश्यक है।

उन्होंने विद्यार्थियों को विशेष रूप से सचेत करते हुए कहा कि युवा अवस्था में विकसित की गई स्वस्थ आदतें ही भविष्य के स्वस्थ जीवन की आधारशिला बनती हैं।

डॉ. सिंह ने कहा कि व्यक्ति का स्वास्थ्य केवल उसका निजी विषय नहीं है, बल्कि उसका प्रभाव परिवार, समाज और राष्ट्र पर भी पड़ता है। स्वस्थ नागरिक ही अपनी क्षमताओं का पूर्ण उपयोग करते हुए राष्ट्र के विकास में सार्थक योगदान दे सकता है। स्वस्थ व्यक्ति आत्मनिर्भर होता है और स्वस्थ समाज ही सशक्त एवं विकसित राष्ट्र की नींव रखता है।

उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे स्वास्थ्य को केवल चिकित्सालय और दवाओं से जोड़कर न देखें, बल्कि इसे अपनी दैनिक जीवनशैली और व्यवहार का हिस्सा बनाएं।

उन्होंने कहा कि आधुनिक चिकित्सा विज्ञान ने रोगों के उपचार की अनेक प्रभावी विधियां विकसित की हैं, लेकिन स्वास्थ्य की रक्षा में व्यक्ति की जागरूकता और अनुशासित जीवनशैली की भूमिका सर्वोपरि है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने तथा अपने परिवार और समाज में भी स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता फैलाने का संदेश दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता रसायन विज्ञान विभाग के सहायक आचार्य डॉ. रामसहाय ने की। संचालन वाणिज्य विभाग की सहायक आचार्य श्रेया पाण्डेय ने किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय