नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं की भागीदारी का नया अध्याय : सिद्धार्थ नाथ सिंह

 


प्रयागराज, 16 अप्रैल (हि.स.)। देश में 76 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद महिलाओं को उनका अधिकार मिलने जा रहा है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम लोकतंत्र के मंदिर में महिलाओं की गरिमापूर्ण उपस्थिति का मार्ग प्रशस्त कर रहा है। यह बातें गुरुवार को शहर पश्चिमी विधानसभा क्षेत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में हनुमान वाटिका में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रयागराज शहर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं पूर्व मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहीं।

उन्होंने कहा कि लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण महिलाओं के लिए ऐतिहासिक कदम है, जिससे आधी आबादी की नीति निर्माण में भागीदारी सुनिश्चित होगी। विधायक ने कहा कि महिलाएं जब सशक्त होती हैं तो राष्ट्र भी सशक्त होता है। उन्होंने संविधान निर्माता भीमराव अंबेडकर के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि समानता ही सशक्त समाज की नींव है। उन्होंने विपक्ष पर भी इस विधेयक में बाधा डालने का आरोप लगाया।

शहर पश्चिमी विधानसभा क्षेत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में भव्य पदयात्रा एवं सम्मेलन का आयोजन किया गया। ठाकुरद्वारा सुलेम सराय से शुरू हुई पदयात्रा का समापन हनुमान वाटिका में हुआ, जहां बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लेकर अधिनियम के समर्थन में आवाज बुलंद की।

पदयात्रा के दौरान महिलाओं ने “धन्यवाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी”, “सशक्त नारी, सशक्त भारत” जैसे नारों के साथ अपने उत्साह का प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम में मंचासीन अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र देकर स्वागत किया गया। कार्यक्रम की संयोजिका अभिलाषा गुप्ता नंदी रहीं, जबकि संचालन भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश महामंत्री डॉ. कृतिका अग्रवाल ने किया।

इस अवसर पर गणेश केसरवानी, महानगर अध्यक्ष संजय गुप्ता, राज्य महिला आयोग की सदस्य गीता विश्वकर्मा सहित शशि वार्ष्णेय, शिखा रस्तोगी, दीपिका पटेल, आभा सिंह, रीता सिंह समेत बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।

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हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल