नेटवर्थ की जानकारी न देने पर रद्द किया गया एआई पूछ का एमओयू : नन्दी

 


लखनऊ, 04 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने विधान परिषद सदस्य आशुतोष सिन्हा द्वारा विधान परिषद में पूछे गए तारांकित प्रश्न का उत्तर देते हुए बताया कि नेटवर्थ की जानकारी न देने पर एआई पूछ का एमओयू रद्द किया गया।

एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने विधान परिषद में 50 लाख रूपये की आय वाली एआई कम्पनी पूछ एआई के साथ 25 हजार करोड़ के एमओयू को लेकर सवाल किया था। उन्होंने पूछा था कि एआई पूछ के एमओयू को क्यों रद्द किया गया। इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई।

जिसका जवाब देते हुए विधान परिषद में मंत्री नन्दी ने कहा कि निवेश प्रस्तावों को आकर्षित करने के लिए व्यापक रणनीति अपनाई जाती है। जिसका प्रथम चरण निवेशक के साथ नॉन बाईंडिंग एमओयू साइन करना होता है। एमओयू के बाद निवेशक द्वारा प्रस्तावित परियोजना के क्रियान्वयन हेतु अपेक्षित नेटवर्थ या विश्वसनीय निवेशक बैकप की पूरी जानकारी मांगी जाती है, जिस पर एआई पूछ द्वारा जानकारी उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण एमओयू निरस्त किया गया। निवेशक द्वारा सूचना उपलब्ध न कराए जाने के कारण पूछ एआई के साथ हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन को निरस्त किए जाने का निर्णय लिया गया। इस प्रकार प्रकरण प्रक्रियात्मक है। किसी अधिकारी कर्मचारी के विरूद्ध कार्रवाई किए जाने का औचित्य नहीं है।

मंत्री नन्दी ने कहा कि उत्तर प्रदेश को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और उभरती टेक्नोलॉजी का राष्ट्रीय केंद्र बनाने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 में नोएडा और लखनऊ में दो अत्याधुनिक टेक हब स्थापित किए जाएंगे। उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति 2026 के अंतर्गत राज्य में नवाचार, उद्यमिता और प्रौद्योगिकी आधारित उद्योगों को नई गति देने के लिए अगले पांच वर्षों में 20 विश्वस्तरीय सेंटर आफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे। राज्य सरकार ने वर्ष 2026-27 में 10 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन