मुंबई में 11 करोड़ की साइबर ठगी का गोरखपुर कनेक्शन, संदिग्ध का पिता पुलिस हिरासत में

 

गोरखपुर, 30 जून (हि.स.)। मुंबई में हुई करीब 11 करोड़ रुपये की साइबर ठगी की रकम को वैध बनाने के लिए गोरखपुर के कई प्रतिष्ठित ज्वेलरी शोरूमों से सोने के आभूषण खरीदे जाने का खुलासा हुआ है। इस सनसनीखेज मामले के सामने आने के बाद मुंबई साइबर सेल और गोरखपुर पुलिस संयुक्त रूप से पूरे नेटवर्क की गहन जांच में जुट गई हैं।

मामले में फरार संदिग्ध तक पहुंचने के लिए पुलिस ने गहने लेने दुकान पर पहुंचे उसके पिता को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। वहीं, जांच में शुरुआती स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर असुरन चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया है। जांच में जो भी दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई तय है। पुलिस के मुताबिक, पूरे मामले की शुरुआत असुरन स्थित परिवार ज्वेलर्स एंड ज्वेल्स के मैनेजर इरफान अहमद की तहरीर से हुई। मैनेजर का कहना है कि बिहार के गोपालगंज निवासी हितेश कुमार सिंह ने चार जून से 11 जून के बीच छह अलग-अलग किस्तों में लगभग 49.92 लाख रुपये के सोने के आभूषण खरीदे थे। इन आभूषणों का भुगतान विभिन्न फर्मों और बैंक खातों से ऑनलाइन किया गया था।

बाद में मुंबई साइबर सेल की जांच में यह तथ्य सामने आया कि भुगतान में प्रयुक्त धनराशि साइबर ठगी से संबंधित थी। इसके बाद 23 जून को शाहपुर थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच का दायरा बढ़ाया गया। इसमें पता चला है कि साइबर अपराधियों ने देश के विभिन्न राज्यों में लोगों से ठगी कर करोड़ों रुपये की रकम पहले तथाकथित 'म्यूल' बैंक खातों में ट्रांसफर कराई। इसके बाद उसी रकम का उपयोग गोरखपुर के चार अलग-अलग ज्वेलरी शोरूमों से करीब 11 करोड़ रुपये के सोने के आभूषण खरीदने में किया गया। पुलिस का मानना है कि यह पूरी प्रक्रिया साइबर ठगी की रकम को सोने में बदलकर उसकी वास्तविक पहचान छिपाने और उसे वैध दिखाने की सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी।

मामले में जिन ज्वेलरी कारोबारियों के यहां से खरीदारी की गई, उनका कहना है कि उन्होंने बैंकिंग माध्यम से भुगतान प्राप्त होने के बाद सामान्य व्यावसायिक प्रक्रिया के तहत आभूषणों की बिक्री की थी। उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि भुगतान साइबर ठगी की रकम से किया गया है। कारोबारियों ने स्वयं को भी इस धोखाधड़ी का पीड़ित बताते हुए कहा है कि वे जांच एजेंसियों को हर स्तर पर पूरा सहयोग दे रहे हैं और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध करा रहे हैं।

मुंबई साइबर सेल इस मामले में पहले ही बिहार के सीवान से दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। अब पुलिस फरार आरोपित की तलाश के साथ-साथ पूरे गिरोह की कड़ियां जोड़ने में लगी हुई है। इसी क्रम में गोरखपुर में गहने लेने पहुंचे एक संदिग्ध के पिता से भी पूछताछ की जा रही है, ताकि नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचा जा सके।

एसपी सिटी निमिष पाटिल ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने जांच में प्रारंभिक लापरवाही पाए जाने पर असुरन चौकी प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यदि जांच के दौरान किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मुंबई साइबर सेल और गोरखपुर पुलिस पूरे मामले की तह तक पहुंचने के लिए बैंक खातों, लेन-देन, संदिग्ध व्यक्तियों और ज्वेलरी खरीद की पूरी श्रृंखला की गहन जांच कर रही हैं। आने वाले दिनों में इस हाई-प्रोफाइल साइबर ठगी मामले में कई और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।-------------------

हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय