उत्तर प्रदेश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इकोसिस्टम को सशक्त बनाने को एमओयू साइन

 
- उत्तर प्रदेश एआई एंड हेल्थ इनोवेशन कान्फ्रेंस में आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्रालय के अधीन डिजिटल इंडिया कारपोरेशन की स्वतंत्र इकाई इंडिया एआई मिशन और यूपीडेस्कोके बीच हुआ एमओयू का आदान प्रदान 

- उत्तर प्रदेश को AI हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम, इंडिया एआई मिशन के तहत यूपी में सशक्त होगा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इकोसिस्टम

- एमओयू प्रदेश के युवाओं को भविष्य के लिए आवश्यक डिजिटल और एआई कौशल प्रदान करने में होगा मददगार

लखनऊ, 12 जनवरी: योगी सरकार के प्रयासों से उत्तर प्रदेश को देश का अग्रणी टेक्नोलॉजी और इनोवेशन हब बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन डिजिटल इंडिया कारपोरेशन की स्वतंत्र इकाई इंडिया एआई मिशन और उत्तर प्रदेश डेवलपमेंट सिस्टम्स कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीडेस्को) लखनऊ के बीच एक एमओयू का आदान प्रदान किया गया। यह एमओयू उत्तर प्रदेश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इकोसिस्टम को सशक्त करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

एमओयू प्रदेश के युवाओं और छात्रों के लिए स्टार्टअप इकोसिस्टम के नये अवसर प्रदान करेगा
एमओयू प्रमुख सचिव, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग, अनुराग यादव तथा इंडिया एआई मिशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अभिषेक सिंह के बीच हुआ। इस अवसर पर मौजूद अधिकारियों और विशेषज्ञों ने इसे राज्य और केंद्र सरकार के बीच मजबूत सहयोग का प्रतीक बताया। बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप सरकार पिछले पौने नौ वर्षों से डिजिटल गवर्नेंस, स्टार्टअप्स, आईटी पार्क, डाटा सेंटर और उभरती तकनीकों को लगातार बढ़ावा दे रही है। मुख्यमंत्री की एआई, मशीन लर्निंग और डाटा एनालिटिक्स जैसे क्षेत्रों में युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करना प्राथमिकताओं में शामिल है। यही वजह है कि इंडिया एआई मिशन के तहत एमओयू प्रदेश के युवाओं, छात्रों और स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा।

प्रदेश में स्थापित की जाएंगी 65 डाटा एवं एआई लैब
प्रमुख सचिव आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स अनुराग यादव ने कहा कि इंडिया एआई मिशन के तहत यह पहल प्रदेश के युवाओं को भविष्य के लिए आवश्यक डिजिटल और एआई कौशल प्रदान करने में सहायक होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि योगी सरकार युवाओं के कौशल विकास, नवाचार को प्रोत्साहन देने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक तकनीकों का प्रभावी उपयोग कर रही है। यह पहल प्रदेश को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है। यूपीडेस्को की प्रबंध निदेशक नेहा जैन ने बताया कि इंडिया एआई मिशन परियोजना के क्रियान्वयन के लिए आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग, उत्तर प्रदेश शासन को नोडल प्रशासकीय विभाग तथा यूपीडेस्को को राज्य की नोडल एजेंसी नामित किया गया है। उन्होंने बताया कि इंडिया एआई मिशन के तहत प्रदेश में कुल 65 डाटा एवं एआई लैब स्थापित किए जाने की योजना है।

योगी सरकार ने दी 49 डाटा एवं एआई लैब की स्थापना को हरी झंडी
वर्तमान में लखनऊ और गोरखपुर स्थित एनआईईएलआईटी (NIELIT)केंद्रों में दो इंडिया एआई डाटा एवं एआई लैब पहले से संचालित हो रही हैं, जबकि पीलीभीत में एक डाटा एवं एआई लैब उद्योग साझेदार के सहयोग से स्थापित की गई है। इसके अलावा, योगी सरकार द्वारा 49 डेटा एवं एआई लैब को स्वीकृति दी जा चुकी है और उनके क्रियान्वयन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। वहीं शेष 13 अतिरिक्त स्थानों की पहचान शीघ्र की जाएगी। इन इंडिया एआई डाटा एवं एआई लैब्स को विशेष रूप से एआई स्किलिंग के लिए आधुनिक अवसंरचना और तकनीकी संसाधनों से सुसज्जित किया जाएगा। इन लैब्स के माध्यम से विद्यार्थियों को एआई टूल्स, डेटा सेट्स और वास्तविक समय की समस्याओं पर आधारित व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे छात्र न केवल उद्योग की जरूरतों के अनुरूप कौशल हासिल कर सकेंगे, बल्कि नवाचार आधारित एआई समाधान भी विकसित कर पाएंगे।