योगी सरकार ने अन्नदाता का रखा भरपूर ध्यान, समृद्ध हो रहे किसान

 

गोरखपुर, 21 मार्च (हि.स.)। किसान हित सर्वोपरि के संकल्प को सिद्ध करने के लिए योगी सरकार बीते नौ साल से अन्नदाता का भरपूर ध्यान रख रही है। कृषि उन्नयन और कृषकों के कल्याण के लिए सरकार की योजनाओं के प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन से किसानों की आमदनी में वृद्धि हो रही है, किसान समृद्ध हो रहे हैं।

किसानों के लिए सरकार की तरफ से उठाए गए कदमों से गोरखपुर के कृषकों के जीवन में खुशहाली आ रही है। योगी सरकार में योजनाओं का लाभ मिलने के साथ गोरखपुर के किसानों को सबसे बड़ी सौगात बंद पड़ी पिपराइच चीनी मिल के दोबारा शुरू होने से मिली है। पिपराइच में 1932 में एक निजी क्षेत्र की चीनी मिल लगाई गई थी। 1974 में उसका अधिग्रहण हुआ लेकिन मिल 1999 में बंद हो गई। बंद मिलों को चलाने के लिए बतौर सांसद योगी आदित्यनाथ हमेशा आवाज बुलंद करते रहे। पर, तत्कालीन सरकारें इस जनसरोकारी मुद्दे पर आंख मूंदे रहीं।

2017 में सूबे की कमान संभालने के साथ ही योगी आदित्यनाथ ने बंद पिपराइच चीनी मिल के परिसर में ही नई चीनी मिल की सौगात देकर किसानों का दिल जीत लिया। 17 नवंबर 2019 को उन्होंने रिकार्ड अवधि में मिल लगवाकर पेराई सत्र का शुभारंभ भी कर दिया। यह मिल गन्ने से चीनी बनाने के साथ ही उसके बाई प्रोडक्ट से बिजली भी पैदा करती है। सीएम योगी ने 9 दिसंबर 2020 को पिपराइच चीनी मिल में सल्फरलेस चीनी प्लांट का भी लोकार्पण कर इसे मॉडल मिल बना दिया। इस मिल की क्षमता प्रतिदिन 50 हजार क्विंटल गन्ना पेराई की है जो पुरानी चीनी मिल से छह गुना अधिक है। पिपराइच चीनी मिल से जुड़े किसानों का भुगतान भी शत प्रतिशत है। मिल पर गन्ना किसानों का कोई बकाया नहीं है। इस वर्ष के पिपराइच चीनी मिल ने 99853 गन्ना किसानों को 171 करोड़ 28 लाख 82 हजार रुपये का भुगतान किया है।

सरकार की किसान कल्याण योजनाओं में भी गोरखपुर के हिस्से उल्लेखनीय उपलब्धि है। मसलन प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त के रूप में गत दिनों गोरखपुर के 4 लाख 36 हजार 957 किसानों को फायदा हुआ है। 2000 रुपये की दर से इन किसानों को 87 करोड़ 39 लाख 14 हजार रुपये की धनराशि मिली है। इसी क्रम में विगत दिनों मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत गोरखपुर के 534 लाभार्थियों को 25.41 करोड़ रुपये की सहायता राशि स्वीकृत एवं वितरण किया गया। प्राकृतिक आपदा से प्रभावित कृषकों को राहत सहायता प्रदान करने के लिए जिले के 1051 लाभार्थी को 5 करोड़ 48 लाख रुपये की राहत धनराशि स्वीकृत-वितरित की गई।

खेती की लागत कम करने के लिए योगी सरकार ने किसानों को गुणवत्तापूर्ण प्रामाणिक बीज उपलब्ध कराने के साथ ही अनुदान भी दिया है। अनुदान की राशि सीधे बैंक खाते में आने से बिचौलियों से भी मुक्ति मिली है।

गोरखपुर के कृषि उप निदेशक धनंजय सिंह के अनुसार सरकार हर फसली सीजन में किसानों को अनुदान पर उन्नत किस्म के बीज प्रामाणिक बीज वितरण केंद्रों से उपलब्ध कराती है। इस वर्ष रबी सत्र के लिए बीज अनुदान की स्थिति को देखें तो गोरखपुर के 6032 किसानों को 4 करोड़ 87 लाख 71 हजार रुपये मिले हैं। खेती की लागत घटाकर किसानों की आय बढ़ाने के लिए योगी सरकार जैविक खेती को भी प्रोत्साहित कर रही है। इसके लिए गोरखपुर के दो ब्लॉकों ब्रह्मपुर व सरदारनगर में 20 क्लस्टर बनाकर 400 हेक्टेयर भूमि पर जैविक खेती की शुरुआत की गई है। इससे 419 किसानों को जोड़ा गया है। इन किसानो को सरकार तीन वर्ष तक क्रमशः 4800 रुपये, 4000 रुपये और 3600 रुपये प्रति एकड़ की दर से अनुदान भी देगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय