मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना में मुरादाबाद को प्रदेश में चौथा स्थान
मुरादाबाद में 679 श्रमिकों को मिला योजना का लाभ
मुरादाबाद, 20 अगस्त (हि.स.)। मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना में मुरादाबाद को प्रदेश में चौथा स्थान मिला है। जनपद में 679 श्रमिकों को योजना का लाभ मिला है। इसके साथ ही श्रमिक पंजीयन एवं योजनाओं के प्रचार-प्रसार में लगातार प्रयास किए जा रहे।
यह बातें गुरुवार को मुरादाबाद जनपद के जिला अधिकारी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया ने मीडिया को दी।
मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में जनपद मुरादाबाद ने जुलाई 2026 में प्रदेश में चौथा स्थान प्राप्त किया है। जिलाधिकारी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया के निर्देश पर श्रमिक पंजीयन एवं विभिन्न योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए लेबर अड्डों, ग्राम चौपालों एवं ग्राम पंचायतों में कैंप आयोजित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही पात्र श्रमिकों को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए हितलाभ वितरण कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप मुरादाबाद जनपद में जुलाई 2026 तक कुल 679 श्रमिकों को मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना का लाभ दिलाया जा चुका है।
श्रम विभाग द्वारा संचालित इस योजना का उद्देश्य भवन एवं अन्य सन्निर्माण प्रक्रियाओं में कार्यरत पात्र श्रमिकों के नवजात शिशुओं को जन्म से दो वर्ष की आयु पूर्ण होने तक सहायता उपलब्ध कराना तथा पंजीकृत महिला एवं पुरुष श्रमिकों की पत्नियों को प्रसव के उपरांत पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना है। साथ ही बालिकाओं के जन्म के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने और बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं को हतोत्साहित करना भी योजना का प्रमुख उद्देश्य है।
जिला अधिकारी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया ने योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने के लिए पंजीकृत निर्माण श्रमिक का कम से कम एक वर्ष पुराना एवं नवीनीकृत पंजीयन होना आवश्यक है। योजना में अधिकतम दो बच्चों तक लाभ अनुमन्य है। श्रमिक के पुत्र होने पर ₹20,000 तथा पुत्री होने पर ₹25,000 की सहायता दी जाती है। पंजीकृत महिला श्रमिक के संस्थागत प्रसव होने पर ₹6,000 की अतिरिक्त सहायता का प्रावधान है। यदि महिला श्रमिक का प्रसव किसी पंजीकृत निर्माण श्रमिक के साथ होने की स्थिति में हो, तो महिला श्रमिक को तीन माह के न्यूनतम वेतन के समतुल्य धनराशि तथा ₹1,000 चिकित्सा बोनस के रूप में देय होता है।
इसके अतिरिक्त परिवार में पहली अथवा दूसरी संतान बालिका होने या कानूनी रूप से गोद ली गई बालिका की स्थिति में ₹25,000 की सावधि जमा तथा जन्म से दिव्यांग बालिका की स्थिति में ₹50,000 की सावधि जमा का प्रावधान है। यह धनराशि बालिका के 18 वर्ष की आयु तक अविवाहित रहने की स्थिति में देय होगी।
मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना के लिए upbocw.in पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। योजना से संबंधित जानकारी एवं आवेदन प्रक्रिया में सहायता के लिए कार्यालय उप श्रमायुक्त, मुरादाबाद में हेल्प डेस्क भी स्थापित की गई है।
हिन्दुस्थान समाचार / निमित कुमार जायसवाल