मुरादाबाद गुणवत्ता आश्वासन मानक में पिछड़ा, औसत से नीचे स्वास्थ्य सेवाएं
मुरादाबाद, 03 मई (हि.स.)। राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएस) के तहत प्रदेशभर के स्वास्थ्य केंद्रों की रैंकिंग ने मुरादाबाद की हकीकत उजागर कर दी है। 47 के राज्य औसत के मुकाबले मुरादाबाद महज 38 अंक पर सिमट गया है। यानी जिले की स्वास्थ्य सेवाएं न सिर्फ औसत से नीचे हैं, बल्कि दर्जनों जिलों से पिछड़कर रेड जोन में पहुंच गई हैं।
जारी आंकड़ों के मुताबिक मुरादाबाद उन जिलों में शामिल है जहां गुणवत्ता मानकों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। यूनिसेफ की ओर से जारी किए चार्ट में साफ देखा जा सकता है कि जहां कई जिले 70 से 90 अंकों के बीच शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं मुरादाबाद 40 का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाया। हालात इतने खराब हैं कि जिले को ग्रीन (संतोषजनक) की बजाए लाल श्रेणी में रखा गया है।
दिलचस्प बात यह है कि मेरठ (48) और सहारनपुर (49) जैसे पड़ोसी जिले राज्य औसत के आसपास टिके हुए हैं, लेकिन मुरादाबाद उनसे भी पीछे फिसल गया। विशेषज्ञों का मानना है कि एनक्वास स्कोर में गिरावट का सीधा असर मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं पर पड़ता है। चाहे वह साफ-सफाई हो, दवाओं की उपलब्धता या उपचार की गुणवत्ता। ऐसे में 38 का स्कोर कई सवाल खड़े करता है। एनक्वास के तहत साल में एक बार दूसरे प्रदेशों की टीमें यहां मुआयना करती हैं। इसके बाद मिले अंकों के आधार पर रैंकिंग जारी होती है।
वहीं मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ कुलदीप सिंह का रविवार को कहना है कि इस रैंकिंग के बारे में उन्हें जानकारी नहीं है।
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हिन्दुस्थान समाचार / निमित कुमार जायसवाल