मुरादाबाद: तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत में सर्वाधिक 2 लाख 33 हजार 695 मामलों का निस्तारण

 


मुरादाबाद, 12 सितंबर (हि.स.)। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार शनिवार को जनपद न्यायालय, मुरादाबाद एवं तहसील मुख्यालयों पर वर्ष 2026 की तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत में सर्वाधिक 2 लाख 33 हजार 695 मामलों का निस्तारण हुआ। इसमें न्यायालयों द्वारा 23,743 प्रशासनिक विभागों द्वारा 1,95,751 तथा बैंक एवं बीएसएनएल द्वारा 966 मामलों निपटाए गए। राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारम्भ जनपद न्यायाधीश सै0 माऊज़ बिन आसिम द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया।

इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय सुनित चन्द्रा, पीठासीन अधिकारी एमएसीटी संजय कुमार, पीठासीन अधिकारी लारा जैगम उद्दीन, नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत घनेन्द्र कुमार, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्वेता चौधरी, दि बार एसोसियेशन एंड लाइब्रेरी के अध्यक्ष आनन्द मोहन गुप्ता, जिला बार के अध्यक्ष अनिल पाल सिंह, जूनियर बार के अध्यक्ष प्रमोद प्रत्येकी, दि बार एसोसियेशन एंड लाइब्रेरी के सचिव कपिल गुप्ता, जिला बार के सचिव गोपाल कृष्ण, जूनियर बार के सचिव राज कुमार सहित अन्य न्यायिक अधिकारी, बैंक पदाधिकारी उपस्थित रहे।

न्यायाधीश सै0 माऊज़ बिन आसिम ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत न्याय को आमजन तक सुलभ एवं सरल रूप में पहुंचाने का प्रभावी माध्यम है। लोक अदालत में आपसी सुलह एवं समझौते के आधार पर मामलों का त्वरित निस्तारण किया जाता है, जिससे वादकारियों का समय, धन एवं श्रम बचता है। राष्ट्रीय लोक अदालत में न्यायालयों द्वारा कुल 23,743, विभिन्न प्रशासनिक विभागों द्वारा 1,95,751 तथा बैंक एवं बीएसएनएल ने 966 मामलों सहित कुल 2,33,695 मामलों का निस्तारण किया गया।

प्राधिकरण की सचिव तपस्या त्रिपाठी ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न प्रकृति के 21,975 शमन योग्य वादों का निस्तारण किया गया तथा आरोपितों पर कुल 8,03,820 रुपये अर्थदण्ड अधिरोपित किया गया। वैवाहिक एवं भरण-पोषण से संबंधित 95 मामलों का निस्तारण परिवार न्यायालय एवं अपर परिवार न्यायालय द्वारा आपसी सुलह-समझौते के आधार पर कराया गया। उत्तराधिकार के 02 मामलों का निस्तारण करते हुए कुल 12,82,899 रुपये के उत्तराधिकार प्रमाण-पत्र जारी किए गए।

इसी क्रम में मोटर वाहन दुर्घटना प्रतिकर से संबंधित 143 मामलों का निस्तारण करते हुए पीड़ितों एवं उनके स्वजनों को कुल 13,05,64,400 रुपये की प्रतिकर राशि प्रदान किए जाने के आदेश पारित किए गए। विभिन्न बैंकों के ऋण संबंधी 966 मामलों का निस्तारण कर कुल 13,38,11,892 रुपये की धनराशि की वसूली समझौता कराया गया। इसके अतिरिक्त लेबर एक्ट, मोटर वाहन अधिनियम सहित लघु प्रकृति के अनेक मामलों का भी आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / निमित कुमार जायसवाल