ई-क्राइम पर मूट कोर्ट से विद्यार्थियों को मिलेगी व्यावहारिक प्रशिक्षण की सीख
जौनपुर, 11 अक्टूबर (हि.स.)। यूपी के जौनपुर में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में विधि शिक्षा को तकनीक आधारित नए दौर की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने के लिए शनिवार देर शाम मंथन बैठक आयोजित की गई। कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंस हॉल में हुई बैठक में दत्तोपंत ठेंगड़ी विधि संस्थान के शिक्षकों और विषय विशेषज्ञों ने साइबर अपराध की चुनौतियों तथा विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देने पर चर्चा की।
कुलपति ने ई-क्राइम (डिजिटल अपराध) से जुड़े मामलों की समझ विकसित करने के लिए मूट कोर्ट आयोजित करने पर जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों के शैक्षणिक और व्यावहारिक ज्ञान को बढ़ाने के लिए जिला, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की मूट कोर्ट प्रतियोगिताएं आयोजित करने के निर्देश दिए।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इलाहाबाद हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक सिंह और साइबर लॉ विशेषज्ञ डॉ. निसीथ दीक्षित भी बैठक से जुड़े। उन्होंने विधि पाठ्यक्रम में आधुनिक तकनीक और डिजिटल टूल को शामिल करने के सुझाव दिए। साथ ही साइबर लॉ, डिजिटल फॉरेंसिक और उभरते कानूनी विषयों पर आधारित सर्टिफिकेट कोर्स तथा प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने की आवश्यकता बताई।
विश्वविद्यालय में शोध और आधुनिक अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए सेंटर फॉर एक्सीलेंस स्थापित करने पर भी विचार-विमर्श हुआ।
दत्तोपंत ठेंगड़ी विधि संस्थान के विभागाध्यक्ष प्रो. विनोद कुमार ने कहा कि बैठक में मिले सुझावों को लागू करने के लिए जल्द ही विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी। उन्होंने सभी विशेषज्ञों और शिक्षकों के प्रति आभार जताया।
बैठक में साइबर लॉ विशेषज्ञ डॉ. अनूप गिरधर सहित विधि विभाग के शिक्षक उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / विश्व प्रकाश श्रीवास्तव