मोदी सरकार के 12 वर्ष: सुरक्षित भारत के संकल्प को मिली नई शक्ति
लखनऊ, 17 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा केवल सीमाओं की रक्षा तक सीमित नहीं होती, बल्कि वह देश के ‘आत्मविश्वास, सामर्थ्य और संप्रभुता’ की भी आधारशिला होती है। एक समय था जब आतंकवादी हमलों के बाद देश आक्रोशित होता था, लेकिन दुश्मन बेखौफ रहता था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत ने इस सोच को बदला। आज नया भारत शांति की बात भी करता है और अपनी सुरक्षा के लिए ‘निर्णायक कार्रवाई’ भी करता है।
उप मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर ने आतंकवाद के प्रति भारत की ‘नई नीति’ को स्पष्ट किया है। रक्षा निर्यात में 56 गुना वृद्धि, 80 से अधिक देशों तक पहुंचते स्वदेशी रक्षा उपकरण, रक्षा बजट में 3.2 गुना वृद्धि, आईएनएस विक्रांत और एमआईआरवी क्षमता से लैस अग्नि-5 भारत की बढ़ती सामरिक शक्ति के प्रमाण हैं। वहीं, 16,000 से अधिक रक्षा एमएसएमई, 97 प्रतिशत स्वदेशी नौसेना एवं तटरक्षक पोतों का निर्माण तथा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 15,100 किलोमीटर से अधिक सड़कों और 9,600 से अधिक मोबाइल टावरों की स्थापना और मार्च 2026 में नक्सल-मुक्त भारत का संकल्प साकार होना इस बात का प्रमाण है कि आज भारत ‘सुरक्षित’ भी है और ‘आत्मविश्वास’ से परिपूर्ण भी।
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि यही मोदी सरकार के 12 वर्षों की पहचान है, जहां सुरक्षा ‘राष्ट्रीय स्वाभिमान’ का संकल्प बनी है। यही नया भारत है, जो आतंक के प्रति कठोर है, सीमाओं पर सजग है और अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाने का सामर्थ्य रखता है। सुरक्षित भारत का यही आत्मविश्वास ‘विकसित भारत’ के संकल्प को ‘नई शक्ति’ प्रदान कर रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन