पॉलीहाउस और ड्रिप सिंचाई से किसानों की आय बढ़ी, आधुनिक खेती अपनाने पर जोर : जिलाधिकारी
कानपुर, 10 जून (हि.स.)। पॉलीहाउस और ड्रिप सिंचाई जैसी आधुनिक तकनीकों के जरिए किसान कम पानी में अधिक उत्पादन और बेहतर आय प्राप्त कर रहे हैं। इन तकनीकों का विस्तार कर अधिक किसानों को लाभान्वित किया जाएगा। यह बातें बुधवार को जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कही।
जिलाधिकारी ने कल्याणपुर में प्रगतिशील कृषक विराज भाटिया के पॉलीहाउस और बिठूरकला में कृषक अशोक कुमार सिंह के खेत पर स्थापित ड्रिप सिंचाई प्रणाली का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को सफल कृषि मॉडलों की जानकारी अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
विराज भाटिया ने करीब 10 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में पॉलीहाउस स्थापित किया है। लगभग एक करोड़ बारह लाख रुपये की लागत वाली इस परियोजना में राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड से करीब 55 लाख 95 हजार रुपये का अनुदान मिला है। यहां खीरा, शिमला मिर्च और टमाटर का उत्पादन किया जा रहा है। इससे किसान को अच्छी आय प्राप्त हो रही है।
उप कृषि निदेशक आर.एस. वर्मा ने बताया कि जनपद में वर्तमान में छह पॉलीहाउस संचालित हैं। यहां उच्च मूल्य वाली सब्जियों और फूलों की खेती की जा रही है।बिठूरकला में अशोक कुमार सिंह दो हेक्टेयर क्षेत्र में ड्रिप सिंचाई से शिमला मिर्च और लाल मिर्च की खेती कर रहे हैं। किसान के अनुसार इस तकनीक से उत्पादन लगभग दोगुना हुआ है और वार्षिक आय में ढाई से तीन लाख रुपये तक की वृद्धि हुई है। पानी की खपत भी परंपरागत सिंचाई की तुलना में लगभग एक चौथाई रह गई है।
जिलाधिकारी ने ड्रिप सिंचाई और सोलर पंप के उपयोग को बढ़ावा देने के निर्देश देते हुए कहा कि इससे सिंचाई लागत घटेगी, जल संरक्षण होगा और किसानों की आय में वृद्धि होगी।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप