शिक्षामित्रों को आत्महत्या करने पर विवश कर रही सरकार : डा. मानसिंह यादव
लखनऊ, 04 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश विधानमण्डल के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को समाजवादी पार्टी के सदस्यों नेे विधान परिषद में शिक्षा व्यवस्था व किसानों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। नियम 105 के तहत समाजवादी पार्टी के विधान परिषद सदस्य डा. मानसिंह यादव ने सदन में बोलते हुए कहा कि सरकार शिक्षामित्रों को आत्महत्या करने पर विवश कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा के गिरते स्तर के कारण लोग अपने बच्चों को निजी स्कूलों में भेजने पर विवश हो रहे हैं। शिक्षकों से गैर शैक्षणिक कार्य लिए जा रहे हैं। विद्यालयों में बुनियादी तथा भौतिक संसाधनों की स्थिति अत्यंत दयनीय है। शिक्षण संस्थाओं को षड़यंत्र के तहत पूंजीपतियों के हवाले किया जा रहा है।
डा. मानसिंह यादव ने कहा कि प्रदेश में स्कूल मर्जर का बहाना बनाकर लगभग 26000 प्राथमिक स्कूल बंद किये जा चुके हैं। लगभग 07 हजार प्राइमरी स्कूलों में बिजली नहीं है। लगभग 2300 स्कूलों में लड़कियों के लिए शौचालय नहीं है। इसके अलावा लगभग 576 स्कूलों में स्वच्छ पीने के पानी की व्यवस्था नहीं है।
नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव ने सदन की कार्यवाही रोक कर इस पर चर्चा कराये जाने की मांग की। सपा सदस्य मुकुल यादव ने कहा कि विद्यालयों में 35 प्रतिशत शिक्षकों का स्थान रिक्त है। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की नियुक्ति न होने के कारण विद्यालयों में साफ—सफाई लगभग नहीं हो पा रही है। शिक्षा का स्तर गिरने के कारण लोगों में रोष व्याप्त है और वे आन्दोलित हो रहे हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन