विकास और विरासत के समन्वय से आत्मनिर्भर बन रहा देश, आर्थिक और रक्षा मोर्चे पर भारत ने रचा नया इतिहास : डॉ. महेंद्र सिंह
उन्नाव, 17 जून (हि.स.)। निराला प्रेक्षागृह में जिला प्रशासन के तत्वावधान में आयोजित 'विकसित भारत संकल्प सम्मेलन एवं विकास प्रदर्शनी' का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. महेंद्र सिंह सदस्य विधान परिषद ने दीप प्रज्वलित कर प्रदर्शनी का विधिवत शुभारंभ किया।
मुख्य अतिथि डॉ. महेंद्र सिंह ने अपने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि देश के बदलते परिदृश्य की रूपरेखा सभी लोग देख रहे है। सही मायनों में वर्ष 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद वैश्विक स्तर पर भारत को वास्तविक सम्मान मिला है। उन्होंने कहा कि पहले वैश्विक मंचों पर भारत की आवाज को अनदेखा किया जाता था, परंतु प्रधानमंत्री मोदी के प्रथम अमेरिका दौरे पर वहां के प्रशासन ने पलकें बिछाकर उनका ऐतिहासिक स्वागत किया। आज यह गौरव की बात है कि वैश्विक मंचों पर विदेशी राष्ट्रप्रमुख भारतीय और गुजराती भाषाओं में संवाद कर रहे हैं। मोदी जी ने दुनिया में भारत का मस्तक ऊंचा किया है, जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण सऊदी अरब में भव्य मंदिर का निर्माण है। देश के भीतर भी सदियों पुराना भगवान श्री राम का भव्य मंदिर बिना किसी खून-खराबे के ऐतिहासिक तरीके से बनकर तैयार हुआ।
देश की सैन्य आत्मनिर्भरता पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि 15 अगस्त 2022 को जब प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित कर रहे थे, तब स्वदेशी हेलीकॉप्टर आसमान से पुष्प वर्षा कर रहे थे। आज भारत रक्षा सामग्री का केवल आयातक नहीं, बल्कि एक बड़ा निर्यातक बन चुका है और अब हमारे लखनऊ में भी ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण हो रहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व में भारत रक्षा के क्षेत्र में दुनिया का सबसे बड़ा निर्यातक बनने की ओर तेजी से अग्रसर है। उन्होंने अंतरिक्ष विज्ञान में देश की सफलता की सराहना करते हुए कहा कि जहां दुनिया के कुछ देश अपने झंडे पर चांद बनाते हैं, वहीं नया भारत अपने तिरंगे को सीधे चांद पर पहुंचा रहा है।
प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए 'पंच प्रण' का उल्लेख करते हुए मुख्य अतिथि ने कहा कि विकसित भारत का संकल्प तभी पूरा होगा जब देश में शत-प्रतिशत साक्षरता होगी, प्रत्येक नागरिक को उत्तम स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी और प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि होगी। उन्होंने आर्थिक प्रगति के आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया कि वर्ष 2014 से पहले भारत विश्व की अर्थव्यवस्थाओं में 11वें स्थान पर था, जो आज दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और वर्ष 2029 तक विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। वर्तमान में देश में प्रति व्यक्ति आय भी बढ़कर दो लाख रुपये से ऊपर पहुंच चुकी है।
विकास के साथ-साथ देश की सांस्कृतिक विरासत को संजोने के संकल्प को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि आज काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, महाकाल लोक, सोमनाथ मंदिर और केदारनाथ धाम का भव्य पुनरुद्धार इस बात का प्रमाण है कि देश में विकास और विरासत साथ-साथ चल रहे हैं। सरकार ने सरदार वल्लभभाई पटेल की दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' स्थापित कर देश को एकजुट किया है। इंडिया गेट पर जहां कभी औपनिवेशिक मानसिकता के प्रतीक जॉर्ज पंचम की मूर्ति लगी थी, आज वहां राष्ट्रनायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की भव्य प्रतिमा सुशोभित है और उस मार्ग को 'कर्तव्य पथ' का नाम दिया गया है।
वैश्विक मंच पर भारत की सांस्कृतिक विजय का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आज संयुक्त राष्ट्र के माध्यम से पूरे विश्व में 'अंतरराष्ट्रीय योग दिवस' मनाया जा रहा है, जिसे भारत के प्रस्ताव पर 170 से अधिक देशों का समर्थन मिला था। भारत की प्राचीन अस्मिता को वापस लाते हुए अब तक 647 ऐतिहासिक मूर्तियां और कलाकृतियां विदेशों से भारत वापस लाई जा चुकी हैं और यूनेस्को की संरक्षित धरोहरों के मामले में भारत वैश्विक स्तर पर दूसरे स्थान पर है।
इस ऐतिहासिक अवसर पर मंच से जनपद के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले स्थानीय उद्यमियों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए मुख्य अतिथि द्वारा शॉल एवं स्मृति चिह्न भेंट कर विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही, केंद्र व राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी और स्वरोजगार योजनाओं के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से विभिन्न आवश्यक उपकरणों, टूलकिट्स और स्वीकृति पत्रों का वितरण भी मुख्य अतिथि एवं अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा किया गया, जिसे पाकर लाभार्थियों के चेहरे खिल उठे।
हिन्दुस्थान समाचार / अरुण कुमार दीक्षित