गरीब बच्चों के स्कूल निर्माण को लेकर विधायक अमिताभ बाजपेयी का संकल्प, नंगे पैर आंदोलन जारी रखने का ऐलान

 




कानपुर, 15 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद कानपुर के आर्यनगर विधानसभा क्षेत्र के परमट स्थित सरकारी प्राथमिक विद्यालय के पुनर्निर्माण को लेकर शुक्रवार को राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज रही। विधायक अमिताभ बाजपेयी को प्रस्तावित शिलान्यास कार्यक्रम में विद्यालय परिसर जाने से पुलिस ने रोक दिया, जिसके बाद उन्होंने अपने आवास पर हवन-पूजन कर विद्यालय निर्माण का वर्चुअल शिलान्यास किया और नंगे पैर आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया।

विधायक अमिताभ बाजपेयी ने कहा कि यह लड़ाई किसी राजनीतिक लाभ की नहीं, बल्कि गरीब बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा और सम्मानजनक भविष्य की है। उन्होंने कहा कि जब तक विद्यालय का पुनर्निर्माण संवैधानिक और वैधानिक तरीके से शुरू नहीं हो जाता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने घोषणा की कि विद्यालय निर्माण शुरू होने तक वह जूते-चप्पल नहीं पहनेंगे और गांधीवादी तरीके से विरोध जारी रखेंगे।

परमट स्थित सरकारी प्राथमिक विद्यालय का भवन काफी समय से जर्जर हालत में था। विद्यालय भवन के ध्वस्तीकरण और पुनर्निर्माण को लेकर प्रशासनिक स्वीकृतियां, एनओसी, टेंडर और वर्क ऑर्डर जारी किए जा चुके थे तथा विधायक निधि से निर्माण कार्य शुरू कराने की तैयारी थी। इसी बीच कुछ लोगों द्वारा निर्माण कार्य का विरोध किए जाने के बाद विवाद बढ़ गया। प्रेसवार्ता में विधायक ने आरोप लगाया कि वैध प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद गरीब बच्चों के विद्यालय निर्माण को रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि मजदूरों के साथ मारपीट, अभद्रता और जनप्रतिनिधियों के अपमान जैसी घटनाएं लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने संबंधित लोगों और अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की।

विधायक के आवास और परमट क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात रहा। विधायक जब विद्यालय परिसर जाने के लिए निकले तो उन्हें रास्ते में रोक दिया गया। इसके बाद उन्होंने अपने आवास पर वैदिक विधि-विधान से हवन-पूजन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में समर्थक, क्षेत्रीय नागरिक और पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे। विधायक ने जिला प्रशासन के माध्यम से राज्यपाल को संबोधित पत्र भी भेजा, जिसमें विद्यालय निर्माण कार्य में बाधा डालने, मजदूरों के साथ दुर्व्यवहार और सोशल मीडिया पर भ्रामक सामग्री प्रसारित किए जाने की शिकायत की गई। साथ ही दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई गई।

कार्यक्रम के बाद विधायक अमिताभ बाजपेयी परमट मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने दर्शन-पूजन किया। इस दौरान भी क्षेत्र में पुलिस बल तैनात रहा। विधायक ने कहा कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में जारी रहेगा।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप