नवदुर्गा के नौ स्वरूपों पर आधारित नुक्कड़ नाटकों से दिया गया सशक्तिकरण का संदेश

 


-मिशन शक्ति-6.0: नुक्कड़ नाटकों में 2.43 लाख बच्चों की सहभागिता से जीवंत हुई नवदुर्गा

लखनऊ, 20 मार्च (हि.स.)। चैत्र नवरात्र के अवसर पर ‘मिशन शक्ति- 6.0’ अभियान के अंतर्गत प्रदेश के समस्त प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, कम्पोजिट विद्यालयों एवं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) में नवदुर्गा के नौ स्वरूपों पर आधारित नुक्कड़ नाटकों का मंचन एवं जन-जागरूकता रैलियों का आयोजन किया गया। इस अभियान में दाे लाख 42 हखार 825 बच्चों, 26 हजार 428 शिक्षकों और 55 हजार 247 अभिभावकों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए बाल अधिकार, सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण का संदेश जन-जन तक पहुंचाया।

इस विशेष अभियान के अंतर्गत विद्यार्थियों ने नवदुर्गा के नौ स्वरूपों को नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। साथ ही, रैलियों के दौरान बच्चों ने हाथों में तख्तियां लेकर हेल्पलाइन नंबर, बाल अधिकार, सुरक्षा और शिक्षा से जुड़े संदेश प्रदर्शित किए तथा जोरदार नारों के माध्यम से जन-जन तक जागरूकता का संदेश पहुंचाया।

बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह का कहना है कि ‘मिशन शक्ति’ के माध्यम से प्रदेश सरकार बालिकाओं को सशक्त, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। नुक्कड़ नाटक और जन-जागरूकता रैलियों के माध्यम से बच्चों द्वारा समाज को दिया जा रहा संदेश अत्यंत प्रभावी और प्रेरणादायक है। यह अभियान समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

महानिदेशक, स्कूल शिक्षा मोनिका रानी का कहना है कि नुक्कड़ नाटक और जागरूकता रैलियां विद्यार्थियों के समग्र विकास का सशक्त माध्यम हैं। नवदुर्गा के स्वरूपों के माध्यम से बालिकाओं को सशक्तिकरण का संदेश देना और बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना ‘मिशन शक्ति’ की मूल भावना को साकार करता है।

नुक्कड़ नाटकों से जागी सामाजिक चेतना

विद्यालयों में आयोजित नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से विद्यार्थियों ने नवदुर्गा के स्वरूपों को सामाजिक संदर्भों से जोड़ते हुए प्रस्तुत किया। इन प्रस्तुतियों में बालिका सुरक्षा, शिक्षा का महत्व, लैंगिक समानता और आत्मनिर्भरता जैसे विषयों को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया, जिससे दर्शकों में जागरूकता और संवेदनशीलता का भाव विकसित हुआ।

रैलियों के माध्यम से बच्चों को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों और हेल्पलाइन सेवाओं के प्रति जागरूक किया गया। विद्यार्थियों ने नारों और संदेशों के माध्यम से यह स्पष्ट किया कि वे अपने अधिकारों के प्रति सजग हैं और किसी भी प्रकार के अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने के लिए तैयार हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / दीपक