मिशन एडमिशन : सीएसजेएमयू में आईटी-एआई कोर्सेज से युवाओं को नए अवसर

 


कानपुर, 27 अप्रैल (हि.स.)। हमारा मुख्य प्रयास यह है कि छात्र केवल तकनीक के उपभोक्ता बनकर न रह जाएं, बल्कि वे भविष्य के इनोवेटर और क्रिएटर के रूप में अपनी पहचान बनाएं। आईटी और एआई जैसे क्षेत्रों में अपार संभावनाएं हैं, इसलिए छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान, प्रोजेक्ट आधारित सीख और आधुनिक तकनीकों से जोड़ा जा रहा है, ताकि वे इंडस्ट्री के अनुरूप तैयार हो सकें। यह बातें सोमवार को यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (यूआईईटी) के निदेशक डॉ. आलोक कुमार ने कही।

मिशन एडमिशन के तहत छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) का (यूआईईटी) तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में छात्रों के लिए नए अवसर उपलब्ध करा रहा है। कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग विभाग ने नए शैक्षणिक सत्र के लिए बीटेक और एमटेक पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है।

विभागाध्यक्ष डॉ. संदेश गुप्ता के अनुसार वर्तमान दौर में आईटी सेक्टर तेजी से विकसित हो रहा है, जिसे ध्यान में रखते हुए शिक्षण पद्धति को आधुनिक बनाया गया है। पारंपरिक पढ़ाई के साथ-साथ अब कोडिंग, लाइव प्रोजेक्ट्स, हैकाथॉन और रियल-टाइम प्रॉब्लम सॉल्विंग पर विशेष जोर दिया जा रहा है। छात्रों को वेब डेवलपमेंट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, साइबर सिक्योरिटी और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया जा रहा है।

बीटेक (सीएसई) चार वर्षीय पाठ्यक्रम में 180 सीटें निर्धारित हैं, जबकि एआई आधारित बीटेक कोर्स में 90 सीटें उपलब्ध हैं। दोनों पाठ्यक्रमों का वार्षिक शुल्क 1,15,200 रुपये रखा गया है। इन कोर्सों में प्रवेश जेईई मेन, राज्य स्तरीय परीक्षा या विश्वविद्यालय के मानकों के आधार पर दिया जा रहा है।

परास्नातक स्तर पर एमटेक (सीएसई) दो वर्षीय कार्यक्रम में 30 सीटें हैं, जिसका वार्षिक शुल्क 70,200 रुपये है। इसमें प्रवेश मेरिट के आधार पर किया जाएगा। इसके अलावा शोध के इच्छुक छात्रों के लिए पीएचडी कार्यक्रम भी उपलब्ध है।

विभाग में पढ़ाई के साथ रिसर्च और नवाचार पर भी समान ध्यान दिया जा रहा है। छात्र और शिक्षक मिलकर नए सॉफ्टवेयर और तकनीकी समाधान विकसित कर रहे हैं। साथ ही, संस्थान के पूर्व छात्र देश-विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों में चयनित होकर विभाग की गुणवत्ता को साबित कर रहे हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप