बांग्लादेशी समझकर चार दिन हिरासत में रखा, निकला असम से 12 साल से लापता व्यक्ति

 


बांदा-चित्रकूट में पुलिस ने खंगाले होटल-ढाबे

बांदा, 28 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद बांदा में बदौसा थाना क्षेत्र में बारावफात के जुलूस के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में पकड़े गए व्यक्ति को पुलिस ने शुरुआती तौर पर बांग्लादेशी नागरिक होने के संदेह में हिरासत में लेकर पूछताछ की। उसके बताए इनपुट के आधार पर बांदा और चित्रकूट में पुलिस ने कई स्थानों पर जांच की, होटल-ढाबे खंगाले और संदिग्ध लोगों से पूछताछ की। हालांकि जांच आगे बढ़ने पर चौंकाने वाला खुलासा हुआ। पुलिस की जांच में पकड़ा गया व्यक्ति बांग्लादेशी नहीं, बल्कि असम का रहने वाला निकला, जो करीब 12 साल पहले घर से लापता हो गया था।

अपर पुलिस अधीक्षक बांदा शिवराज ने बताया कि 25 अगस्त 2026 की शाम बदौसा थाना क्षेत्र के फतेहगंज तिराहा पर चेकिंग के दौरान एक व्यक्ति संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। पुलिस ने उसे रोककर सामान्य पूछताछ की, लेकिन उसकी भाषा स्पष्ट रूप से समझ में नहीं आ रही थी। वह अपना नाम-पता और निवास स्थान भी स्पष्ट रूप से नहीं बता पा रहा था। पूछताछ में उसने अपना नाम मो. सफीउर्रहमान पुत्र हुसैन अली, उम्र करीब 45 वर्ष, निवासी ग्राम वरगुला, जिला बोंगाईगांव, असम बताया।

पहचान की पुष्टि के लिए पुलिस ने इंटरनेट के माध्यम से संबंधित थाना क्षेत्र से संपर्क किया। इसके बाद उसके भाई शुजाउल हक, निवासी ग्राम बलारपेट, पोस्ट तिलपुखुरी, थाना अभयापुरी, जिला बोंगाईगांव, असम से फोन पर संपर्क किया गया। पुलिस ने वीडियो कॉल के जरिए भाई की पकड़े गए व्यक्ति से पहचान कराई। वीडियो कॉल पर शुजाउल हक ने उसे अपने भाई मो. सफीउर्रहमान के रूप में पहचान लिया।

पुलिस ने पहचान की पुष्टि के लिए भाई से संबंधित दस्तावेज व्हाट्सऐप के माध्यम से मंगवाए। दस्तावेजों में दर्ज विवरण का पकड़े गए व्यक्ति द्वारा बताए गए विवरण से मिलान किया गया। इसके साथ ही उसकी फोटो और वीडियो भी परिजनों को भेजकर पहचान कराई गई।

पुलिस के मुताबिक, शुजाउल हक ने बताया कि उसका भाई करीब 12 वर्ष पहले घर से नाराज होकर चला गया था और इसके बाद से उसका कोई पता नहीं चला था। परिजनों ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी। अब बांदा पुलिस की कार्रवाई के बाद परिजनों को उसके मिलने की जानकारी हुई और वे उसे लेने के लिए बांदा आ रहे हैं। परिजनों के पहुंचने के बाद नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी।

पकड़े गए व्यक्ति के शुरुआती बयानों में चित्रकूट में अपने कुछ साथियों के होने की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने वहां भी जांच शुरू कर दी थी। एसपी पलाश बंसल के निर्देश पर पुलिस टीमें चित्रकूट भेजी गईं। पुलिस ने उसके बताए इनपुट के आधार पर कई होटल और ढाबों की जांच की तथा रामघाट क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले।

कर्वी कोतवाली पुलिस के साथ सीतापुर चौकी प्रभारी और खुफिया एजेंसियां भी जांच में जुटी रहीं।

इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस की जांच के बाद यह स्पष्ट हो गया कि बदौसा से पकड़ा गया संदिग्ध व्यक्ति बांग्लादेशी नागरिक नहीं, बल्कि असम का 12 साल से लापता व्यक्ति मो. सफीउर्रहमान है। अब उसके परिजनों के आने के बाद उसे परिवार के सुपुर्द करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल सिंह