महायोगी गोरखनाथ चिकित्सालय में अब कंधा प्रत्यारोपण की भी सुविधा
गोरखपुर, 19 मई (हि.स.)। महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर (एमजीयूजी) के श्री गोरक्षनाथ मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के अंतर्गत संचालित महायोगी गोरखनाथ चिकित्सालय सोनबरसा, बालापार ने चिकित्सा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। चिकित्सालय में एक मरीज का कंधा प्रत्यारोपण सफलतापूर्वक किया गया है।
महायोगी गोरखनाथ चिकित्सालय सोनबरसा के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट एवं हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. रोहित कुमार ऐलानी ने बताया कि कंधा फ्रैक्चर से पीड़ित मरीज ने पूर्व में विभिन्न अस्पतालों में उपचार हेतु परामर्श लिया था। पर, अत्यधिक खर्च के कारण उपचार संभव नहीं हो पा रहा था। निराश होकर मरीज ने महायोगी गोरखनाथ चिकित्सालय में संपर्क किया जहां मुख्यमंत्री सहायता कोष के अनुदान के माध्यम से मरीज का सफल ऑपरेशन किया गया। चिकित्सकों की विशेषज्ञ टीम द्वारा अत्यंत जटिल एवं आधुनिक हेमी रिप्लेसमेंट ऑफ शोल्डर (कंधा प्रत्यारोपण) शल्यक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न की गई।
डॉ. ऐलानी के अनुसार आधुनिक हेमी रिप्लेसमेंट ऑफ शोल्डर एक अत्यंत जटिल ऑपरेशन है, जिसे बहुत कम चिकित्सा संस्थानों एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा किया जाता है। ऑपरेशन की सफलता के बाद मरीज तेजी से स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर रहा है। इस सफल शल्यक्रिया को करने वाली टीम में डॉ. रोहित ऐलानी के साथ डॉ. मोहित अस्थाना, डॉ. अमन राय, एनेस्थीसिया विभाग से डॉ. अवध बिहारी तिवारी एवं ओटी स्टाफ का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
निदेशक (हॉस्पिटल प्रशासन) डॉ. हरिओम शरण ने बताया कि चिकित्सालय में जटिल फ्रैक्चर, हिप एवं कूल्हा प्रत्यारोपण जैसी शल्यक्रियाएं नियमित रूप से सफलतापूर्वक की जाती रही हैं लेकिन कंधा प्रत्यारोपण (शोल्डर रिप्लेसमेंट) पहली बार किया गया है। यह संस्थान के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। सफल कंधा प्रत्यारोपण के लिए एमजीयूजी के कुलपति डॉ. सुरिंदर सिंह एवं कुलसचिव डॉ प्रदीप कुमार राव ने चिकित्सकों की टीम को बधाई देते हुए कहा कि चिकित्सालय निरंतर आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं एवं विशेषज्ञ सेवाओं के माध्यम से पूर्वांचल के मरीजों को उच्चस्तरीय उपचार उपलब्ध करा रहा है। कुलसचिव डॉ. प्रदीप कुमार राव चिकित्सकों की टीम को बधाई देते हुए कहा कि जटिल एवं अत्याधुनिक शल्यक्रियाओं की सफलता संस्थान की चिकित्सा गुणवत्ता, विशेषज्ञता एवं समर्पण को दर्शाती है। संस्थान में आधुनिक तकनीक एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता के कारण गंभीर एवं जटिल शल्यक्रियाएं सफलतापूर्वक की जा रही हैं, जिससे क्षेत्रीय मरीजों को बड़े महानगरों में जाने की आवश्यकता कम हो रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय