मेट्रो और रिंग रोड से बदल जाएगी कानपुर की लाइफलाइन : जिलाधिकारी

 


- 9 साल में 252 प्रोजेक्ट्स ने संवारी औद्योगिक नगरी की सूरत- 1500 करोड़ से ज्यादा के बजट से चमका शहर, बिजली, सड़क और मेट्रो ने शहर को दी नई पहचान- मेट्रो के दूसरे फेज और रिंग रोड से विकास को लगे पंख, बिजली के मामले में भी कानपुर की बड़ी छलांग

कानपुर, 19 मार्च (हि.स.)। यूपी सरकार की प्राथमिकता के तहत कानपुर में इंफ्रास्ट्रक्चर के बड़े प्रोजेक्ट तय समय पर पूरे किए जा रहे हैं। मेट्रो और रिंग रोड जैसे प्रोजेक्ट आने वाले समय में शहर की लाइफलाइन साबित होंगे। हमारा प्रयास है कि हर विकास कार्य सीधे आम जनता की सुविधा और जीवन को आसान बनाने से जुड़ा हो। यह बातें गुरुवार को जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने कहीं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले नौ सालों में कानपुर की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। पहले जहां शहर जाम, कमजोर बिजली और धीमे विकास के लिए जाना जाता था, वहीं अब मेट्रो, पावर प्रोजेक्ट और बड़ी सड़कों के जरिए नई तस्वीर सामने आ रही है। सरकार के फोकस के चलते अब ये बदलाव जमीन पर भी साफ दिखाई देने लगा है। योगी सरकार ने शहर को संवारने के लिए करीब 1500 करोड़ रुपये से ज्यादा का बजट खर्च किया है, जिससे कानपुर के लोगों का जीवन पहले से काफी आसान हो गया है।

मेट्रो का सफर: अब घंटों की दूरी मिनटों में

कानपुर में मेट्रो का नेटवर्क तेजी से विस्तार ले रहा है और लोगों के सफर को आसान बना रहा है। कॉरिडोर-1 पर आईआईटी से मोतीझील तक मेट्रो पहले से संचालित है और अब इसका विस्तार कानपुर सेंट्रल तक हो चुका है, जिससे रेलवे स्टेशन आने-जाने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिली है। आगे नौबस्ता तक विस्तार के लिए ट्रायल रन जारी है, जिससे इस रूट पर कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।

वहीं, कॉरिडोर-2, जो कृषि विश्वविद्यालय से बर्रा-8 तक प्रस्तावित है, पर भी काम जारी है। इस रूट का एक हिस्सा रावतपुर से डबलपुलिया के बीच भूमिगत होगा और इसे जून 2026 तक शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही शहर के अन्य प्रमुख इलाकों को जोड़ने के लिए कॉरिडोर-3 की रूपरेखा भी तैयार की जा रही है, ताकि पूरा कानपुर मेट्रो नेटवर्क से जुड़ सके।

करीब 11076.48 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना में अब तक 9111.76 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं और लगभग 86 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, जिससे साफ है कि आने वाले समय में मेट्रो शहर की लाइफलाइन और मजबूत होने वाली है।

स्पोर्ट्स और स्मार्ट सिटी: खिलाड़ियों के लिए बड़ी सौगात

योगी सरकार ने कानपुर को खेलों का गढ़ बनाने के लिए बड़े काम किए हैं। पालिका स्टेडियम को 42.59 करोड़ की लागत से एक आधुनिक 'स्पोर्ट्स हब' बना दिया गया है। ऐतिहासिक ग्रीन पार्क स्टेडियम में 9.03 करोड़ की लागत से 'विजिटर गैलरी' बनाई गई है, जिसे देखने अब तक 30 हजार से ज्यादा लोग पहुँच चुके हैं। चुन्नीगंज में 93.38 करोड़ की लागत से हाईटेक कन्वेन्शन सेंटर बनकर तैयार है।

रिंग रोड और पुलों से आसान हुआ रास्ता

शहर के ट्रैफिक को बाहर-बाहर निकालने के लिए करीब 2327 करोड़ रुपये की लागत से 37 किलोमीटर से ज्यादा लंबी रिंग रोड बनाई जा रही है। इसके साथ ही, रेलवे क्रॉसिंग के झंझट को खत्म करने के लिए गंगाघाट और दादा नगर में नए ओवरब्रिज (पुल) बनाकर तैयार कर दिए गए हैं। इन पुलों के बनने से अब लोगों को घंटों जाम में नहीं फंसना पड़ता।

बिजली के क्षेत्र में बड़ी छलांग

शहर को बिजली संकट से उबारने के लिए योगी सरकार ने ऐतिहासिक निवेश किया है। घाटमपुर में बन रहे पावर प्लांट पर करीब 21,780 करोड़ रुपये और पनकी पावर प्लांट के विस्तार पर 6,729 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इन दोनों प्लांट का काम अब अपने आखिरी दौर में है, जिससे कानपुर को भरपूर बिजली मिलेगी। इसके अलावा, किदवई नगर और गोविंद नगर में बिजली सप्लाई सुधारने के लिए 124 करोड़ की लागत से नया सब-स्टेशन भी शुरू किया गया है।

एक नजर...कानपुर के विकास पर

• कुल विकास: 1500 करोड़ से ज्यादा का बजट, 252 प्रोजेक्ट्स पूरे

• कानपुर मेट्रो: 9111 करोड़ का प्रोजेक्ट, आईआईटी से कानपुर सेंट्रल तक दौड़ रही मेट्रो, विस्तार का लक्ष्य

• घाटमपुर पावर प्लांट: 21,780 करोड़ की लागत, 97% काम पूरा

• पनकी पावर प्लांट: 6729 करोड़ का बजट, 93% काम पूरा

• रिंग रोड: 2327 करोड़ की लागत, 37.22 किमी लंबी सड़क

• नए ओवरब्रिज: गंगाघाट (39 करोड़) और दादा नगर (46 करोड़) के पुल तैयार

• स्मार्ट सुविधाएं: 42 करोड़ का स्पोर्ट्स हब और 124 करोड़ का नया बिजली सब-स्टेशन

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप