बांदा : पूर्व विधायक पुत्र मयंक द्विवेदी ने छोड़ी बसपा, थामा साइकिल का हाथ
बांदा, 19 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों की आहट के साथ ही बुंदेलखंड के राजनीतिक गलियारों में सुगबुगाहट तेज हो गई है। इसी कड़ी में बांदा-चित्रकूट क्षेत्र से एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है, जहां बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को बड़ा झटका लगा है। लोकसभा चुनाव 2024 में बसपा के टिकट पर बांदा-चित्रकूट सीट से अपनी किस्मत आजमाने वाले मयंक द्विवेदी ने अब समाजवादी पार्टी (सपा) का दामन थाम लिया है।
शनिवार को राजधानी लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी के राज्य कार्यालय में पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की मौजूदगी में मयंक द्विवेदी ने विधिवत रूप से सपा की सदस्यता ली। उनके इस कदम को आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर बुंदेलखंड के राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।
मयंक द्विवेदी का परिवार लंबे समय से बांदा की राजनीति में सक्रिय रहा है। उनके पिता, स्व. पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी, वर्ष 2007 में नरैनी विधानसभा क्षेत्र से बसपा के विधायक रह चुके हैं।
खुद मयंक द्विवेदी भी दो बार जिला पंचायत सदस्य के रूप में क्षेत्रीय जनता के बीच अपनी पैठ बना चुके हैं। ब्राह्मण समुदाय से ताल्लुक रखने वाले मयंक को एक मजबूत युवा ब्राह्मण चेहरे के रूप में देखा जाता है, जिससे सपा को इस वर्ग के बीच अपनी पकड़ और मजबूत करने का अवसर मिल सकता है।
वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में मयंक द्विवेदी बसपा के बैनर तले चुनावी मैदान में उतरे थे और उन्होंने अच्छा-खासा मत प्रतिशत हासिल किया था। उस चुनाव में समाजवादी पार्टी की उम्मीदवार कृष्णा देवी पटेल ने जीत दर्ज की थी, जबकि भारतीय जनता पार्टी दूसरे और बसपा तीसरे पायदान पर रही थी। अब बसपा के पूर्व प्रत्याशी के सपा में शामिल होने से विपक्षी खेमे में चर्चाएं गर्म हो गई हैं। बहरहाल, 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले नेताओं की दलबदल की यह बयार कितना बड़ा चुनावी असर छोड़ेगी और इसका जमीनी राजनीति पर क्या प्रभाव पड़ेगा, यह तो आने वाला वक्त ही तय करेगा।
हिन्दुस्थान समाचार / अनिल सिंह