(संशाेधित) रिश्ते में बहन की अस्मत लूटने में नाकाम रहने पर जिंदा जलाने वाले भाई को फांसी की सजा

 


मथुरा, 05 मई(हि.स.)। जिले के थाना फरह क्षेत्र में अपनी ही रिश्ते की बहन की अस्मत लूटने में नाकाम रहने पर उसे जिंदा जलाने वाले के मामले में जिला काेर्ट ने आराेपित काे फांसी की सजा सुनाई है। काेर्ट ने इसे ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ (विरलतम) मामला मानते हुए दोषी पर 1.30 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

मंगलवार काे जिला जज विकास कुमार की काेर्ट ने सभी गवाहों और साक्ष्यों को देखने के बाद उमेश को दोषी करार दिया। काेर्ट ने इसे ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ (विरलतम) मामला मानते हुए अपने फैसले में लिखा कि ऐसे जघन्य कृत्य करने वालों के लिए समाज में कोई जगह नहीं है। काेर्ट मेंजिला शासकीय अधिवक्ता शिवराम सिंह तरकर ने प्रभावी पैरवी की।

मृतका के पति ने उमेश के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। घटनाक्रम के मुताबिक 11 मार्च 2025 काे हरियाणा के पलवल (थाना हसनपुर) का रहने वाला उमेश, मथुरा के फरह थाना क्षेत्र स्थित एक गांव में अपनी रिश्ते की बहन (बहन की देवरानी) के घर पहुंचा था। उमेश दुपट्टा ओढ़कर और महिला का वेश धारण कर घर में दाखिल हुआ था। उसने महिला के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। महिला के कड़ा विरोध करने पर उमेश ने उस पर ज्वलनशील पेट्रोलियम पदार्थ डालकर आग लगा दी थी। महिला की चीखें सुनकर जब परिजन उसे बचाने दौड़े, तो उमेश छत से कूद गया जिससे उसके सिर और पैर में गंभीर चोटें आईं। गंभीर रूप से झुलसी महिला की अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस ने घायल उमेश को भी आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था जहां से ठीक होने के बाद उसे जेल भेज दिया गया।

हिन्दुस्थान समाचार