हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा मेला संस्कृति, राष्ट्रभक्ति और मानवीय मूल्यों से जुड़ने का अवसर : भवानी भीख
कानपुर, 27 अक्टूबर (हि.स.)। हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा मेला विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, राष्ट्रभक्ति, पर्यावरण संरक्षण और मानवीय मूल्यों से जुड़ने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगा। विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को मेले में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए। यह बातें मंगलवार को कानपुर में आयोजित सामूहिक वंदे मातरम् गान कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रान्त संघचालक भवानी भीख तिवारी ने कहीं।
हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा संस्थान, कानपुर के आह्वान पर मंगलवार को महानगर के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों और विद्यालयों में सामूहिक वंदे मातरम् गान का आयोजन किया गया। आयोजन समिति के अनुसार, सूचना लिखे जाने तक लगभग 1,05,791 छात्र-छात्राओं, आचार्यों और शिक्षकों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगीत का गान किया। इस दौरान विद्यालयों में विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित की गईं, जिनमें राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक चेतना का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालयों के प्रधानाचार्यों, आचार्यों और आयोजन से जुड़े पदाधिकारियों ने विद्यार्थियों को आगामी हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा मेले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 26 से 30 नवंबर तक बेनाझाबर स्थित बृजेन्द्र स्वरूप पार्क में मेले का आयोजन होगा। यह स्थल बीएनएसडी शिक्षा निकेतन के समीप है।
वक्ताओं ने विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों से मेले में सहभागिता करने के साथ विभिन्न प्रतियोगिताओं और गतिविधियों में हिस्सा लेने की अपील की। उन्होंने सेवा कार्यों और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से सामाजिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए प्रेरित किया।
इस कार्यक्रम की अध्यक्षता सदस्य कार्य परिषद डॉ. उमेश पालीवाल ने की। विभिन्न विद्यालयों में आयोजित कार्यक्रमों में भवानी भीख तिवारी, नवेंदु शुक्ला, संजीव दीक्षित, बृजमोहन और गुणवंत कोठारी ने सहभागिता कर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने सेवा मेले को सफल बनाने का संकल्प लिया।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप