बेहद अहम रहा मनोज पांडेय का योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री बनने तक का सफ़र
रायबरेली, 10 मई (हि.स.)। योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाये गए मनोज पाण्डेय का राजनीतिक सफर बेहद अहम रहा है। सपा से राजनीति शुरू करने वाले मनोज पांडेय कम समय में ही मुलायम सिंह यादव के करीबी बन गए थे। 1995 में उन्होंने रायबरेली नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष का चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए। वर्ष 2000 में वह नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष बने। इसी दौरान उन्हें राज्यमंत्री का भी दर्जा मिल गया था।
अखिलेश यादव के बेहद करीबी नेता रहे मनोज पांडेय का जन्म 15 अप्रैल 1968 को रायबरेली में हुआ। उन्होंने रायबरेली शहर के फिरोज गांधी कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। वह 2012 में पहली बार ऊंचाहार विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी से विधायक बने।। पहली बार के विधायक बनने पर 2012 में ही अखिलेश यादव सरकार में उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया , जहां उन्होंने विभिन्न विभागों की जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद उन्होंने 2017 और 2022 का भी चुनाव समाजवादी पार्टी के टिकट पर ही जीता। 2022 विधानसभा चुनाव के बाद सपा ने उन्हें मुख्य सचेतक की जिम्मेदारी सौंपी थी।
अचानक फरवरी 2024 में राज्यसभा चुनाव के दौरान उन्होंने मुख्य सचेतक पद से इस्तीफा दे दिया और पार्टी लाइन से हटकर क्रॉस वोटिंग की, जिसके बाद सपा ने उन्हें निष्कासित कर दिया। मई 2024 में गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। कभी सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव से लेकर अखिलेश यादव तक के बेहद नज़दीक रहने वाले मनोज पांडेय का अवध और पूर्वांचल में बड़ा जनाधार है। जनता से लगातार जुड़े रहना और अपनी सांगठनिक क्षमता के कारण मनोज पांडेय ऊंचाहार से लगातार विजयी होते रहे हैं। इसके अलावा रायबरेली आसपास के कई विधानसभा क्षेत्रों में उनका खासा प्रभाव रहता है और इसका असर 2027 के चुनावों में देखने को मिलेगा।
हिन्दुस्थान समाचार / रजनीश पांडे