मांगो को लेकर अड़े अधिवक्ता एवं दस्तावेज लेखक, 21वें दिन भी जारी रहा धरना
हाथरस, 30 जून (हि.स.)। सादाबाद में ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और स्टांप वेंडरों का आंदोलन मंगलवार को 21वें दिन भी जारी रहा। उपनिबंधक कार्यालय पर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी एकत्रित हुए और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने ई-रजिस्ट्री व्यवस्था को वापस लेने की मांग की, जिसे वे आम जनता और रजिस्ट्री कार्य से जुड़े लोगों के लिए परेशानी का कारण बता रहे हैं।
धरना-प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे पूर्व प्रांतीय लेखा परीक्षक श्याम सुंदर गिरी का दस्तावेज लेखकों और अधिवक्ताओं ने स्वागत किया। उन्होंने आंदोलनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी एकजुटता के कारण सरकार को अपनी कई कमियों को स्वीकार करना पड़ा है। गिरी ने दावा किया कि सरकार ने आंदोलनकारियों की लगभग 90 प्रतिशत मांगें मान ली हैं। श्याम सुंदर गिरी ने बताया कि वर्ष 2024 में सरकार द्वारा लाए गए विधेयक में कई खामियां थीं। सरकार ने अब इन खामियों को स्वीकार कर लिया है और उनमें सुधार के लिए प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जा रहा है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आंदोलन कारियों की एकता से जल्द ही पूरी जीत मिलेगी और सरकार को अपने फैसले पर पुनर्विचार करना होगा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि ई-रजिस्ट्री व्यवस्था लागू होने से आम लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही, दस्तावेज लेखकों और स्टांप वेंडरों के सामने रोजगार का संकट भी खड़ा हो गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक सरकार उनकी सभी मांगें पूरी नहीं करती और ई-रजिस्ट्री व्यवस्था वापस नहीं लेती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। धरने के दौरान उपनिबंधक कार्यालय परिसर में काफी देर तक नारेबाजी होती रही, जिसमें प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में एकजुटता का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर दस्तावेज लेखक के पूर्व सहायक लेखा परीक्षक श्याम सुन्दर गिरी, अध्यक्ष राजकमार दीक्षित, टीवी सिंह आदि मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / मदन मोहन राना