एआई और साइबर सुरक्षा में नए अवसरों का उठाएं लाभ : मणिन्द्र अग्रवाल

 


कानपुर, 14 अगस्त (हि.स.)। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटेलिजेंट सिस्टम्स और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में अपार संभावनाएं हैं। विद्यार्थी संस्थान के अनुसंधान, नवाचार और अंतर्विषयक वातावरण का पूरा लाभ उठाएं। यह बातें शुक्रवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर के निदेशक प्रो. मणिन्द्र अग्रवाल ने वाधवानी स्कूल ऑफ एआई एंड इंटेलिजेंट सिस्टम्स के स्टूडेंट ओरिएंटेशन प्रोग्राम के दौरान कहीं।

आईआईटी कानपुर के वाधवानी स्कूल ऑफ एआई एंड इंटेलिजेंट सिस्टम्स ने अपने प्रथम स्नातक बैच के स्वागत के लिए स्टूडेंट ओरिएंटेशन प्रोग्राम आयोजित किया। स्कूल के नए बैचलर ऑफ साइबर सिक्योरिटी और बीटेक इन इंटेलिजेंट सिस्टम्स कार्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के साथ एमटेक, एमएस और पीएचडी के नए विद्यार्थियों ने भी इसमें हिस्सा लिया।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों को स्कूल की शैक्षणिक व्यवस्था, अनुसंधान के अवसरों और अंतर्विषयक शिक्षण वातावरण की जानकारी दी गई। साथ ही आईआईटी कानपुर में नवाचार और अनुसंधान के लिए उपलब्ध अवसरों से परिचित कराया गया।

विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए वाधवानी स्कूल ऑफ एआई एंड इंटेलिजेंट सिस्टम्स के डीन प्रो. नितिन सक्सेना ने कहा कि दोनों नए स्नातक कार्यक्रमों की शुरुआत स्कूल की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने विद्यार्थियों से आईआईटी कानपुर में उपलब्ध शैक्षणिक और अनुसंधान अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की।

डिपार्टमेंट ऑफ इंटेलिजेंट सिस्टम्स के विभागाध्यक्ष प्रो. इन्द्रनील साहा ने विभाग और बीटेक इन इंटेलिजेंट सिस्टम्स कार्यक्रम की जानकारी दी। वहीं, वाधवानी सेंटर फॉर साइबर सिक्योरिटी ऑफ क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर के समन्वयक प्रो. सौमित्र के. सनाढ्य ने बैचलर ऑफ साइबर सिक्योरिटी कार्यक्रम के पाठ्यक्रम, अनुसंधान और करियर संभावनाओं के बारे में बताया।

कार्यक्रम में “उद्योग परिप्रेक्ष्य और करियर के अवसर” विषय पर फायरसाइड चैट हुई। इसका संचालन प्रो. राजीव मिश्रा ने किया। क्रिसिल के मुख्य डेटा अधिकारी योगेंद्र दीप सिंह ने एआई, इंटेलिजेंट सिस्टम्स, डेटा एनालिटिक्स और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में उभरते रुझानों के साथ उद्योग की अपेक्षाओं और करियर अवसरों पर विद्यार्थियों से संवाद किया। प्रश्नोत्तर सत्र में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का समापन प्रो. इन्द्रनील साहा के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इसके बाद नेटवर्किंग लंच में विद्यार्थियों ने संकाय सदस्यों और उद्योग प्रतिनिधियों से संवाद किया।-------------

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप