महर्षि वाल्मीकि के जयकारों से गूंजा ग्वालटोली, प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह ने किया नमन

 


वाल्मीकि जयंती पर सामाजिक समरसता और सद्भाव का दिया संदेश, भक्ति गीतों व नुक्कड़ नाटकों ने बांधा समां; जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर के निर्देशन में जनपदभर में हुए आयोजन

फर्रुखाबाद, 26 अक्तूबर (हि.स.)। महर्षि वाल्मीकि जयंती पर सोमवार को जनपद में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का वातावरण रहा। शासन के निर्देशों के क्रम में जिलेभर के वाल्मीकि मंदिरों में धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। फतेहगढ़ के ग्वालटोली स्थित वाल्मीकि मंदिर में आयोजित समारोह में जनपद के प्रभारी मंत्री एवं पर्यटन व संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने सहभागिता कर महर्षि वाल्मीकि को नमन किया। उन्होंने महर्षि के विचारों को सामाजिक समरसता, समानता और सद्भाव की आधारशिला बताते हुए उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।

समारोह को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने रामायण की रचना कर भारतीय संस्कृति और समाज को अमूल्य धरोहर प्रदान की। उनके विचार आज भी समाज को ज्ञान, न्याय, समानता और मानवीय मूल्यों की राह दिखाते हैं। महर्षि वाल्मीकि का जीवन इस बात की प्रेरणा देता है कि विचारों, ज्ञान और कर्म से समाज को नई दिशा दी जा सकती है। उन्होंने आयोजन से जुड़े लोगों की सराहना करते हुए कहा कि महापुरुषों की जयंती पर होने वाले ऐसे कार्यक्रम नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

भक्ति गीतों और नाट्य प्रस्तुतियों से सजी समारोह की शाम

कार्यक्रम में विद्यार्थियों और सामाजिक संस्थाओं से जुड़े प्रतिभागियों ने भक्ति गीतों, कविताओं और नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से महर्षि वाल्मीकि के जीवन, विचारों और आदर्शों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। सूचना विभाग की ओर से भेजी गई नुक्कड़ नाटक की टोलियों ने भी सामाजिक जागरूकता से जुड़े संदेश दिए। प्रस्तुतियों के माध्यम से समाज में समानता, आपसी भाईचारे और सद्भाव की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया गया। समारोह में मौजूद लोगों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों में उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

जिलाधिकारी के निर्देशन में आयोजन व्यवस्थाओं पर रहा जोर

महर्षि वाल्मीकि जयंती पर जनपदभर में कार्यक्रमों को सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासनिक स्तर पर व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया गया। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर के निर्देशन में शासन के निर्देशों के अनुरूप धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के संचालन पर जोर रहा। कार्यक्रमों के माध्यम से महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक विरासत को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।

प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह की समारोह में सहभागिता और उनके संबोधन ने आयोजन को विशेष महत्व दिया। वहीं, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने महर्षि वाल्मीकि के जीवन और विचारों को जनमानस से जोड़ने का संदेश दिया।

समारोह में जिला विकास अधिकारी एसके तिवारी, जिला पर्यटन अधिकारी डॉ. एम. मकबूल सहित स्थानीय नागरिक, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / चंद्रपाल सिंह सेंगर