महोबा : छात्रों के प्रदर्शन के जिलाधिकारी ने सुनी समस्या, बोलीं - संवाद से होता समाधान

 






महोबा, 20 अगस्त (हि.स.)। यूपी के महोबा जिले में सड़क की मांग को लेकर छात्रों के द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगाने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। गुरुवार को जिलाधिकारी गजल भारद्वाज ने गांव पहुंचकर स्कूली छात्र छात्राओं और ग्रामीणों से संवाद कर जल्द सड़क दुरस्त करवाने समेत अन्य मांगों को पूरा कराने का आश्वासन दिया, जिससे ग्रामीणों और जेन अल्फा के चेहरे खिल गए।

गुरुवार को जिलाधिकारी गजल भारद्वाज ने जनपद के कबरई विकास खंड के गांव रैपुरा पहुंचकर स्कूली छात्र छात्राओं उनके अभिभावकों और ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों और जेन अल्फा की सड़क निर्माण की मांग के साथ ही गांव में लाइब्रेरी का निर्माण कराने का आश्वासन दिया और खेल मैदान को दुरस्त कर जेन अल्फा के लिए उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

जिलाधिकारी ने कहा कि बारिश के बीच जेन अल्फा के द्वारा सड़क जाम करने के मामले से वह आहत थे। महोबा के बच्चे दिमाग के बहुत तेज हैं। बताया कि बच्चों से संवाद किया, उन्हें बताया कि किसी भी समस्या को उठाने के लिए प्रोपर माध्यम होता है। संवाद से ही समस्या का समाधान होता है। किसी भी प्रकार की समस्या के लिए उनके कार्यालय में जाकर उन्हें अवगत कराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि गांव की समस्या सड़क की थी। यहां पतली ग्रामीण सड़क है, जिसका निर्माण जिला पंचायत द्वारा 2021 में कराया गया था। गांव की सड़क पर 6 माह पूर्व दाल मिलों के बनने से भारी वाहनों के आवागमन से सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है। विभागीय अधिकारियों को जल्द से जल्द सड़क दुरस्त कराने के निर्देश दिए गए हैं। संवाद कार्यक्रम में जिलाधिकारी द्वारा बच्चों की मांग जल्द पूरा करने के आश्वासन के बाद जेन अल्फा ने जोरदार ताली बजाकर जिलाधिकारी का स्वागत किया है।

इस दौरान एसपी शशांक सिंह, एसडीएम शिवध्यान पाण्डेय, बीएसए राहुल मिश्रा, महंत देवीचरण दास महाराज समेत अन्य मौजूद रहें।

पुलिस ने खुलवाया था जाम

गौरतलब है कि जनपद से गुजरे झांसी मिर्जापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बुधवार को रैपुरा तिगैला पर स्कूली छात्र छात्राओं ने सड़क निर्माण की मांग को लेकर प्रदर्शन कर जाम लगाया था। जहां पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जाम खुलवा यातायात बहाल कराया था। स्कूली बच्चों ने पुलिस पर अभद्र व्यवहार करने और जबरन घसीटकर हटाने का आरोप लगाया गया था।

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हिन्दुस्थान समाचार / उपेन्द्र द्विवेदी