महोबा के 406 गांवों में घर-घर पहुंचा नल से जल, 391 गांवों को मिला हर घर जल प्रमाणन
- शाहपहाड़ी गांव में 481 परिवारों को मिला घरेलू नल कनेक्शन, 2,996 की आबादी होगी लाभान्वित, 339 गांवों में जलार्पण की प्रक्रिया पूरी
महोबा, 07 नवंबर (हि.स.)। जल जीवन मिशन के तहत महोबा जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। जिले के 406 गांवों में पेयजल व्यवस्था विकसित की जा चुकी है। इनमें 391 गांवों का हर घर जल प्रमाणीकरण पूरा हो गया है, जबकि 339 गांवों में जलार्पण की प्रक्रिया भी संपन्न हो चुकी है। इसी क्रम में शनिवार को कबरई विकासखंड के शाहपहाड़ी गांव में कबरई ग्राम समूह पेयजल योजना का जलार्पण किया गया। इस योजना से गांव के 481 परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से पेयजल सुविधा मिलेगी। इससे गांव की 2,996 की आबादी लाभान्वित होगी।
ग्राम प्रधान शिव शंकर की उपस्थिति में आयोजित जलार्पण कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को योजना के संचालन और रखरखाव के प्रति जागरूक किया गया। उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) की ओर से विकसित इस व्यवस्था के तहत पाइपलाइन के जरिए घरों तक पानी पहुंचाने का प्रबंध किया गया है। इससे ग्रामीण परिवारों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पानी जुटाने में होने वाली परेशानी से राहत मिलेगी।
जल निगम ग्रामीण के अधिशासी अभियंता रवि प्रताप सिंह ने शनिवार को बताया कि जल जीवन मिशन का उद्देश्य प्रत्येक ग्रामीण परिवार को नियमित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराना है। इसके लिए गांवों में पेयजल योजनाओं का निर्माण कराने के साथ उनके सुचारु संचालन और रखरखाव पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केवल योजना का निर्माण पूरा होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसका लंबे समय तक प्रभावी संचालन सुनिश्चित करना भी जरूरी है।
उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे पानी की बर्बादी रोकें और घरेलू नल कनेक्शन, पाइपलाइन तथा पेयजल से जुड़ी अन्य परिसंपत्तियों की सुरक्षा में सहयोग करें। योजनाओं के बेहतर संचालन के लिए विभागीय निगरानी के साथ ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है।
महिलाओं और बच्चियों को मिलेगी सबसे बड़ी राहत
घरों तक नल से पानी पहुंचने का सबसे अधिक लाभ ग्रामीण महिलाओं और बच्चियों को मिलने की उम्मीद है। अब तक कई परिवारों में घरेलू जरूरतों के लिए पानी जुटाने में महिलाओं को काफी समय और श्रम खर्च करना पड़ता था। नल कनेक्शन के माध्यम से घर पर ही पानी उपलब्ध होने से इस जिम्मेदारी का बोझ कम होगा। इससे महिलाओं को घरेलू कार्यों, बच्चों की देखभाल और आजीविका से जुड़ी गतिविधियों के लिए अधिक समय मिल सकेगा। वहीं बच्चियों को भी पानी लाने में लगने वाले समय से राहत मिलेगी, जिससे वे अपनी पढ़ाई और अन्य गतिविधियों पर ध्यान दे सकेंगी।
406 गांवों में विकसित हुई पेयजल व्यवस्था
महोबा जनपद में जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण पेयजल व्यवस्था का लगातार विस्तार किया जा रहा है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक जिले के 406 गांवों में पेयजल व्यवस्था विकसित की जा चुकी है। इनमें 391 गांवों का हर घर जल प्रमाणीकरण पूरा हो चुका है और 339 गांवों में जलार्पण की प्रक्रिया संपन्न की गई है। इस तरह जिले में योजना के तहत बुनियादी ढांचे के विकास के साथ उसे ग्रामीणों को समर्पित करने का काम भी आगे बढ़ रहा है।
जलार्पण और प्रमाणीकरण का उद्देश्य
जलार्पण वह प्रक्रिया है, जिसके तहत पेयजल योजना का निर्माण और निर्धारित व्यवस्थाएं पूरी होने के बाद उसे ग्रामीण जनता को समर्पित किया जाता है। वहीं हर घर जल प्रमाणीकरण के तहत गांव में पात्र परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन से पेयजल सुविधा उपलब्ध होने की स्थिति का निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सत्यापन किया जाता है। इसमें ग्राम प्रधान, ग्राम सचिव और संबंधित ग्राम स्तरीय प्रतिनिधियों की सहभागिता रहती है।
पेयजल की गुणवत्ता और रखरखाव पर जोर
जल जीवन मिशन के तहत केवल घरों तक पानी पहुंचाना ही नहीं, बल्कि उसकी गुणवत्ता बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है। इसके लिए विभागीय स्तर पर पेयजल की जांच और निगरानी की व्यवस्था की गई है। ग्रामीणों को पानी की गुणवत्ता, नल और पाइपलाइन की देखभाल तथा जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा रहा है। विभाग का जोर इस बात पर है कि ग्रामीण पेयजल योजनाओं को अपनी सामूहिक संपत्ति समझकर उनकी सुरक्षा और रखरखाव की जिम्मेदारी भी निभाएं। इसके लिए 'संपत्ति आपकी, इसलिए जिम्मेदारी भी आपकी' का संदेश देकर ग्रामीणों को योजना से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उपेन्द्र द्विवेदी