मिशन शक्ति की तर्ज पर विकास खण्ड स्तर पर संचालित होंगे महिला शक्ति केन्द्र
केशव प्रसाद मौर्य ने महिला शक्ति केन्द्र का किया शुभारम्भ
लखनऊ, 23 मार्च (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन व अन्य सहयोगी संस्थाओं के माध्यम से प्रदेश के 100 विकास खण्डों मे स्थापित किये जा रहे महिला शक्ति केन्दों का बटन दबाकर होटल हयात रिजेन्सी गोमतीनगर मे आयोजित एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में शुभारम्भ किया। प्रथम चरण में प्रदेश में 100 महिला शक्ति केन्द्र संचालित किये जायेंगे। मिशन शक्ति की तर्ज पर विकास खण्ड स्तर पर महिला शक्ति केन्द्र संचालित होंगे। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने महिला शक्ति केंद्र के लोगो का उद्घाटन किया। उप मुख्यमंत्री ने महिला सशक्त केंद्र के डैसबोर्ड का उद्घाटन किया। उन्होंने इस अवसर पर एक पुस्तिका का विमोचन भी किया।
इस अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला को सम्बोधित करते हुये उप मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कार्यक्रम है, और पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रदेश के 100 विकास खण्डों में इसकी शुरुआत की जा रही है। इसको हमें हर हाल में सफल बनाना है।
महिला शक्ति केन्द्र की स्थापना कर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ने लैंगिक समानता को अपने कार्य का अभिन्न अंग बनाते हुए महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों के लिए जेंडर रिसोर्स सेंटर बनाने की पहल की है। यह पहल सतत विकास लक्ष्यों, लैंगिक समानता और समावेशी आर्थिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रदेश को वर्ष 2029 तक वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने तथा विकसित उत्तर प्रदेश 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए महिलाओं की सक्रिय और बढ़ती भागीदारी अनिवार्य है।
सरकार का स्पष्ट संदेश है कि विकास तभी संभव है, जब हर महिला सुरक्षित, सशक्त और आत्मनिर्भर हो। इसी सोच के तहत उत्तर प्रदेश सरकार, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से प्रथम चरण में चयनित 100 विकास खण्डों में महिला शक्ति केंद्र (जेंडर रिसोर्स सेंटर) बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। चरणबद्ध तरीके से आने वाले समय में राज्य के सभी विकास खण्डों में 'महिला शक्ति केंद्र स्थापित किया जाएगा, जिनका प्रबंधन एक नोडल संकुल स्तरीय संघ द्वारा किया जाएगा।
महिला शक्ति केंद्र' ग्रामीण महिलाओं के लिए एक सुरक्षित एवं भरोसेमंद मंच के रूप में सामाजिक, कानूनी और आर्थिक अधिकारों संबंधी मार्गदर्शन प्रदान करेगा। साथ ही सरकार के विभिन्न विभागों जैसे महिला एवं बाल विकास, पंचायती राज, पुलिस विभाग तथा मिशन शक्ति आदि के साथ समन्वय स्थापित कर महिलाओं के विरुद्ध हिंसा की रोकथाम एवं योजनाओं के लाभ दिलाने में सहयोग देगा तथा पंचायतों और सामुदायिक संस्थाओं के माध्यम से जेंडर समानता एवं महिला कल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाकर महिलाओं की सहभागिता और सशक्तिकरण को मजबूत करेगा। महिला शक्ति केन्द्र ग्राम संगठनों के साथ समन्वय बनाकर ग्राम पंचायत विकास योजना के माध्यम से महिलाओं से संबंधित आर्थिक एवं सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों का समाधान करने का प्रयास करेगा।
यह केंद्र केवल महिलाओं के लिए महिलाओं द्वारा संचालित होगा, जिससे महिलाएँ आसानी से आ सकेंगी और बिना डर और झिझक के अपनी परेशानी या समस्या बता सकेंगी। यह एक सुरक्षित और भरोसेमंद जगह होगी, जहाँ उनकी बात ध्यान से सुनी जाएगी और उनकी समस्याओं को सुलझाने में मदद की जाएगी। इससे महिलाओं का आत्मविश्वास और हिम्मत बढ़ेगी। सरकार इस योजना को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव मदद देने के लिए तैयार है। जब महिलाएँ सुरक्षित और सम्मानित होंगी, तभी राज्य सही मायनों में आगे बढ़ेगा और तरक्की करेगा।
इस अवसर पर राज्य मन्त्री ग्राम्य विकास विभाग विजय लक्ष्मी गौतम द्वारा महिला उत्थान व सशक्तिकरण के लिए सरकार द्वारा किये जा रहे कार्यो के बारे विस्तार से प्रकाश डाला।
इस अवसर पर अपर मख्य सचिव महिला एवं बाल विकास लीना जौहरी उ०प्र० शासन, प्रमख सचिव पंचायती राज एव ग्राम्य विकास अनिल कमार व मिशन निदेशक राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन दीपा रंजन ने विचार व्यक्त किये।
इस अवसर पर आयुक्त ग्राम्य विकास जी एस प्रियदर्शी , विशेष सचिव गृह विभाग मंजुलता, विशेष सचिव एवं अपर मिशन निदेशक स्वास्थ्य विभाग अपर मिशन निदेशक उ० प्र० राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन जयनाथ यादव, विशेष सचिव धीरेन्द्र सचान उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन