महालक्ष्मी पूजन में गए भाई बहन पुलिया से फिसल कर नाले में गिरे, बहन की मौत

 


बांदा, 03 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद बांदा महालक्ष्मी पर्व पर स्नान और पूजा के बाद परिवार के साथ घर लौट रही नौ वर्षीय बालिका हादसे का शिकार हो गई। गांव के पास ओवरफ्लो नाले की पुलिया पार करते समय बालिका अपने पांच वर्षीय फुफेरे भाई के साथ फिसलकर गहरे पानी में जा गिरी। परिजनों ने बालक को सकुशल बाहर निकाल लिया, लेकिन बालिका पानी में डूब गई। काफी मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाला गया, मगर तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। हादसे से परिवार में कोहराम मच गया।

चिल्ला थाना क्षेत्र के पपरेंदा गांव निवासी अखिलेश ने बताया कि शनिवार सुबह उसकी नौ वर्षीय भतीजी वंदना अपनी मां संतोषी, बुआ आरती और दादी शांति के साथ महालक्ष्मी पर्व पर स्नान और पूजा करने गई थी। पूजा के बाद सभी लोग घर लौट रहे थे। गांव के समीप ओवरफ्लो नाले की पुलिया पार करते समय अचानक वंदना और उसका पांच वर्षीय फुफेरा भाई नैतिक यादव पैर फिसलने से नाले में जा गिरे।

बच्चों के पानी में गिरते ही परिजनों में अफरा-तफरी मच गई। किसी तरह नैतिक को पानी से बाहर निकाल लिया गया, लेकिन वंदना गहरे पानी में चली गई। परिजनों ने काफी प्रयास के बाद उसे बाहर निकाला, लेकिन उसकी सांसें थम चुकी थीं।

वंदना दो बहनों और दो भाइयों में तीसरे नंबर की थी और गांव के स्कूल में कक्षा तीन की छात्रा थी। बेटी की मौत से मां संतोषी यादव का रो-रोकर बुरा हाल है। उसके पिता खेती-किसानी करते हैं।

चिल्ला थानाध्यक्ष आनंद साहू ने बताया कि नाले में डूबने से बालिका की मौत हुई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

बताते चलें कि वर्ष 2021 में महालक्ष्मी पूजन के दौरान बांदा में तालाब और नदी में विसर्जन व स्नान के दौरान अलग-अलग हादसों में 6 बच्चों की डूबने से मौत हो गई थी। इसमें गिरवां क्षेत्र के केन नदी में स्नान के दौरान तीन बच्चों की मौत का मामला भी शामिल था।

इसी तरह सितंबर 2025 में महालक्ष्मी पर्व के दौरान बांदा कोतवाली क्षेत्र के अरबई गांव में नाले में नहाते समय गहरे पानी में डूबने से 10 वर्ष के एक बच्चे की मौत हो गई थी।

बुंदेलखंड क्षेत्र में पितृ पक्ष के दौरान मनाए जाने वाले महालक्ष्मी पर्व पर नदी, तालाब या जलाशयों में स्नान करने और अर्घ्य देने की परंपरा है। इस दौरान बच्चों के साथ होने वाले ऐसे हादसे हर साल एक गंभीर चिंता का विषय बनते हैं, क्योंकि जलस्रोतों और नालों के पास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने के कारण मासूम गहरे पानी में चले जाते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल सिंह