लखनऊ : बाल विवाह रोकने और बालिकाओं के अधिकारों के प्रति जागरूकता का संदेश
अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर काकोरी में कार्यक्रम, 80 लड़कियों और महिलाओं ने निकाली जागरूकता रैली
लखनऊ, 11 अक्टूबर (हि.स.)। अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर इनिशिएटिव फाउंडेशन इंडिया की ओर से रविवार को काकोरी ब्लॉक के दसदोई स्थित पंचायत भवन में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें बाल विवाह की रोकथाम, बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा, समानता और अधिकारों पर चर्चा की गई। कार्यक्रम के बाद जागरूकता रैली निकालकर लोगों से बेटियों की पढ़ाई जारी रखने और उन्हें अपने सपने पूरे करने का अवसर देने की अपील की गई।
कार्यक्रम में थाना काकोरी और मिशन शक्ति के प्रतिनिधि वरिष्ठ उपनिरीक्षक अमित चौधरी ने कहा कि बालिकाओं को अपने अधिकारों की जानकारी होना जरूरी है। इससे वे उत्पीड़न और भेदभाव की स्थिति में चुप रहने के बजाय मदद मांग सकेंगी। उन्होंने बालिकाओं की सुरक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।
सामाजिक कार्यकर्ता शिवानी और शशि ने कहा कि कम उम्र में शादी और परिवार के दबाव में विवाह तय किए जाने से कई लड़कियों की पढ़ाई प्रभावित होती है। इससे उनके सपनों, आत्मनिर्भर बनने की संभावनाओं और अपने भविष्य से जुड़े फैसले लेने के अधिकार पर असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि बेटियों की पढ़ाई छुड़ाकर शादी करने के बजाय उन्हें शिक्षा जारी रखने और अपने लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
इनिशिएटिव फाउंडेशन इंडिया के निदेशक अमित ने कहा कि बाल विवाह रोकने और बालिकाओं के अधिकार सुनिश्चित करने के लिए परिवार, समुदाय और संबंधित संस्थाओं को मिलकर प्रयास करना होगा। प्रत्येक लड़की को शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान के साथ आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए।
बालिका एवं सामुदायिक नेतृत्व से जुड़ी रानी और शालिनी ने कहा कि लड़कियों को अपनी बात रखने और निर्णय लेने की प्रक्रिया में भागीदारी का अवसर मिलना जरूरी है। उनकी इच्छाओं, विचारों और आकांक्षाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।
कार्यक्रम के बाद निकाली गई जागरूकता रैली में टीम लीडर सृष्टि, मुस्कान, वर्तिका, आकांक्षा और अंशी के साथ नेहा, मुस्कान, सोनी, सालू, सानिया, शगुन, शिवानी, अनिता, माधुरी, वंदना, पूनम, कमलेशा, रेखा, कमेलश, चांदनी और सुनीता सहित करीब 80 लड़कियों और महिलाओं ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने बाल विवाह समाप्त करने और बालिकाओं के अधिकारों को बढ़ावा देने का संदेश दिया।
रैली के माध्यम से लोगों से अपील की गई कि वे बेटियों की शिक्षा को प्राथमिकता दें और कम उम्र में या दबाव में उनकी शादी करने के बजाय उन्हें अपना भविष्य संवारने का अवसर प्रदान करें।
हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा